इस विषय में 78 शब्द — यूजीसी नेट इतिहास (कोड 06) की परीक्षा-दृष्टि से तैयार।
| शब्द | अर्थ | काल / संदर्भ |
|---|---|---|
| अल्तमग़ा जागीर Altamgha Jagir | जहाँगीर द्वारा प्रचलित एक अहस्तांतरणीय, वंशानुगत भूमि-प्रदत्ति, जो मुगल सम्राटों द्वारा प्रिय सामंतों अथवा पारिवारिक वंशजों को सीधे दी जाती थी। | Mughal Empire (Jahangir onwards) |
| अमरगण Amargana | विजयनगर शासन में सैन्य टुकड़ियों अथवा स्थानीय सुरक्षा-दुर्गों के भरण-पोषण हेतु आवंटित भूमि। | Vijayanagara Empire |
| आमिलगुज़ार Amilguzar | मुगल साम्राज्य में सरकार (ज़िला) स्तर का मुख्य राजस्व-संग्राहक, जो भू-राजस्व के निर्धारण और वसूली हेतु उत्तरदायी था। | Mughal Empire |
| आरिज़-ए-मुमालिक Ariz-i-Mumalik | दिल्ली सल्तनत में सैन्य विभाग (दीवान-ए-अर्ज़) का मंत्री, जो सेना की भर्ती, शस्त्र-प्रबंधन और सैनिकों के वेतन का प्रबंध करता था। | Delhi Sultanate |
| अष्टदिग्गज Ashtadiggajas | सम्राट कृष्णदेवराय के दरबार को सुशोभित करने वाले आठ विशिष्ट तेलुगु कवियों और विद्वानों को दिया गया सामूहिक नाम। | Vijayanagara Empire |
| अष्टप्रधान व्यवस्था Asthadhan System | छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मराठा राज्य-प्रशासन की देखरेख हेतु स्थापित आठ मंत्रियों की परिषद। | Maratha Administration |
| आयगार व्यवस्था Ayagar System | विजयनगर साम्राज्य में स्थानीय सार्वजनिक कार्यों का प्रबंध करने वाले बारह वंशानुगत ग्राम-अधिकारियों की प्रशासनिक व्यवस्था। | Vijayanagara Empire |
| बा-शरा Ba-shara | सूफी सिलसिले अथवा साधक, जो इस्लामी विधि-संहिता (शरीअत) का कठोरता से पालन करते थे। | Medieval Religious History |
| बैत-उल-माल Bait-ul-mal | इस्लामी राजनीतिक व्यवस्थाओं में, दिल्ली सल्तनत सहित, सार्वजनिक कोषागार — वह संस्था, जिसके माध्यम से राजकीय राजस्व एकत्रित और वितरित किया जाता था। | Delhi Sultanate & Islamicate polities |
| बरीद Barid | क्षेत्रीय मुख्यालयों में तैनात एक राजकीय गुप्तचर अथवा समाचार-लेखक, जो स्थानीय घटनाओं की सूचना सीधे केंद्रीय सत्ता को भेजता था। | Delhi Sultanate & Mughals |
| बटाई Batai | भू-राजस्व निर्धारण की एक पद्धति, जो कटी हुई फसल के राज्य और कृषक के बीच वास्तविक विभाजन (ग़ल्ला-बख्शी) पर आधारित थी। | Sultanate & Mughal Periods |
| बे-शरा Be-shara | सूफी संन्यासी, फ़क़ीर अथवा सिलसिले, जो स्वयं को पारंपरिक इस्लामी विधि-संहिता (शरीअत) से नहीं बांधते थे। | Medieval Religious History |
| बितिकची Bitikchi | मुगल प्रशासन में सरकार स्तर पर आमिलगुज़ार के साथ कार्यरत मुख्य लेखा-रक्षक और हिसाब-किताब रखने वाला अधिकारी। | Mughal Empire |
| चौधरी Chaudhary | एक वंशानुगत ग्रामीण अधिकारी, जो परगने के गाँवों के एक समूह से राजस्व वसूली हेतु उत्तरदायी था। | Sultanate & Mughal Periods |
| चौथ Chauth | निर्धारित भू-राजस्व के एक-चौथाई (चौथ) के बराबर कर, जो मराठों द्वारा अपने प्रत्यक्ष प्रशासन से बाहर के क्षेत्रों पर एक प्रकार के संरक्षण-शुल्क के रूप में वसूला जाता था। | Maratha Confederacy |
| दहसाला व्यवस्था Dahsala System | अकबर द्वारा सन् 1580 में स्थापित एक मानकीकृत भू-राजस्व निर्धारण प्रणाली, जिसमें दस वर्षों की औसत उपज और मूल्यों के आधार पर कर-दर निर्धारित की जाती थी। | Mughal Empire (Akbar) |
| दासकूट Dasakuta | कर्नाटक में भक्ति आंदोलन की एक शाखा, जिसमें गृहस्थ भक्त कन्नड़ भजनों के माध्यम से माधवाचार्य के द्वैत दर्शन का प्रचार करते थे। | Medieval South India / Bhakti |
| दीवान-ए-अर्ज़ Diwan-i-Arz | दिल्ली सल्तनत में सैन्य मामलों का केंद्रीय विभाग, जिसकी स्थापना ग़ियासुद्दीन बलबन ने की थी। | Delhi Sultanate |
| दीवान-ए-बंदगान Diwan-i-Bandagan | सुल्तान फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ द्वारा स्थापित राजकीय दासों के लिए समर्पित प्रशासनिक विभाग। | Delhi Sultanate (Tughlaq) |
| दीवान-ए-इंशा Diwan-i-Insha | दिल्ली सल्तनत में राजकीय पत्राचार, राजकीय अभिलेखागार और कूटनीतिक संचार का मंत्रालय। | Delhi Sultanate |
| दीवान-ए-ख़ैरात Diwan-i-Khairat | फ़िरोज़ शाह तुग़लक़ द्वारा स्थापित दानशील अनुदान विभाग, जो अनाथ बच्चों, विधवाओं की सहायता और विवाह हेतु धन उपलब्ध कराता था। | Delhi Sultanate (Tughlaq) |
| दीवान-ए-कोही Diwan-i-Kohi | मुहम्मद बिन तुग़लक़ द्वारा भूमि की कृषि-उन्नति हेतु स्थापित विशेष कृषि-कल्याण एवं विकास विभाग। | Delhi Sultanate (Tughlaq) |
| दीवान-ए-मुस्तख़राज Diwan-i-Mustakhraj | अलाउद्दीन ख़िलजी द्वारा स्थापित बकाया राजस्व की वसूली और समायोजन का प्रशासनिक विभाग। | Delhi Sultanate (Khalji) |
| दीवान-ए-रिसालत Diwan-i-Rasalat | दिल्ली सल्तनत में विदेश मामलों, कूटनीतिक दूतों और धार्मिक अनुदानों की देखरेख करने वाला शाही मंत्रालय। | Delhi Sultanate |
| दो-अस्पा सिह-अस्पा Du-aspa Sih-aspa | जहाँगीर द्वारा सवार-पद में जोड़ी गई एक विशेष उप-श्रेणी, जिसके अंतर्गत मनसबदार को अपने सवार-पद से दोगुने घोड़े रखने होते थे। | Mughal Empire (Jahangir) |
| फ़ना Fana | सूफी दर्शन की एक अवधारणा, जो गहन भक्ति के माध्यम से मानवीय अहं के दिव्य सत्ता में विलीन हो जाने को दर्शाती है। | Sufism |
| फ़ौजदार Faujdar | ज़िला (सरकार) स्तर का कार्यकारी अधिकारी और सैन्य-चौकी प्रमुख, जो पुलिसिंग, विधि-व्यवस्था तथा राजस्व वसूली में सहायता हेतु उत्तरदायी था। | Mughal Empire |
| फ़ुतूह Futuh | सूफी हॉस्पिस (खानक़ाह) को भक्तों द्वारा स्वेच्छा से दिए जाने वाले अयाचित उपहार, दान अथवा भेंट। | Sufism |
| ग़ल्ला-बख्शी Ghalla-Bakshi | एक परंपरागत फ़सल-विभाजन पद्धति, जिसमें कटा हुआ अनाज सीधे कृषक और राजकीय अभिकर्ता के बीच बाँट दिया जाता था। | Sultanate & Mughal Periods |
| इक़्ता Iqta | दिल्ली सल्तनत में किसी सरदार अथवा अधिकारी (मुक़्ती/इक़्तादार) को दिया गया क्षेत्रीय प्रदत्ति, जो नकद वेतन के बदले उसे उस क्षेत्र का राजस्व वसूलने का अधिकार सैन्य अथवा प्रशासनिक सेवा के प्रतिफल में देता था — सल्तनत प्रशासन की एक मूल संस्था। | Delhi Sultanate |
| इक़्तादार Iqtadar | इक़्ता-प्रदत्ति का धारक, जो क्षेत्रीय राजस्व वसूलने, व्यवस्था बनाए रखने और सुल्तान को सैनिक उपलब्ध कराने हेतु उत्तरदायी था। | Delhi Sultanate |
| जागीरदारी Jagirdari | मुगल व्यवस्था, जिसके अंतर्गत राजकीय अधिकारियों (मनसबदारों) को नकद वेतन के बदले निर्दिष्ट भूमि-क्षेत्रों (जागीरों) पर राजस्व-अधिकार दिए जाते थे। | Mughal Empire |
| जज़िया Jizya | एक इस्लामी राज्य में सुरक्षा एवं संरक्षण के बदले संरक्षित गैर-मुस्लिम प्रजा (ज़िम्मी) पर लगाया जाने वाला प्रति-व्यक्ति कर। | Sultanate & Mughal Periods |
| कनकूत Kankut | भू-राजस्व निर्धारण की एक पद्धति, जो प्रति इकाई क्षेत्र की खड़ी फसल के दृश्य निरीक्षण और अनुमानित उपज (कूत) पर आधारित थी। | Sultanate & Mughal Periods |
| खानक़ाह Khanqah | एक सूफी हॉस्पिस अथवा मठ, जो सूफी गुरु (पीर) और उनके शिष्यों के लिए आवासीय, आध्यात्मिक तथा सामुदायिक शिक्षण केंद्र का कार्य करता था। | Medieval Religious History |
| ख़राज Kharaj | गैर-मुस्लिम कृषि भूमि पर लगाया जाने वाला भू-राजस्व कर, जो सामान्यतः कृषि उपज के एक-तिहाई से आधे भाग तक निर्धारित था। | Sultanate & Mughal Periods |
| ख़ुदकाश्त Khud-kasht | अपने मूल गाँव में भूमि तथा कृषि-उपकरणों के स्वामी निवासी-कृषक, जो राज्य को सीधे कर चुकाते थे। | Mughal Empire |
| ख़ुम्स Khums | सैन्य अभियानों में प्राप्त युद्ध-लूट (ग़नीमा) में से राज्य का हिस्सा, जो परंपरागत रूप से एक-पंचमांश अर्थात बीस प्रतिशत निर्धारित था। | Delhi Sultanate |
| खुत Khut | दिल्ली सल्तनत में एक ग्राम-मुखिया अथवा भू-अधिकृत सत्ता, जो केंद्रीय राज्य की ओर से भू-राजस्व वसूल करता था। | Delhi Sultanate |
| कोतवाल Kotwal | मध्यकालीन नगरों में सार्वजनिक व्यवस्था, रात्रि-प्रहरा और बाज़ार-निरीक्षण हेतु उत्तरदायी मुख्य पुलिस अधिकारी और नगर-मजिस्ट्रेट। | Sultanate & Mughal Periods |
| कुर्निश Kurnish | मुगलकालीन दरबारी अभिवादन की एक मुद्रा — दाहिने हाथ की पीठ को माथे पर रखकर झुकना — जो सम्मान प्रकट करने हेतु प्रयुक्त होती थी, और अधिक विस्तृत 'तस्लीम' मुद्रा से एक श्रेणी नीचे मानी जाती थी। | Mughal Empire |
| मदद-ए-माश Madad-i-Ma'ash | मुगल सम्राटों द्वारा धार्मिक विद्वानों, संतों, विधवाओं और धर्मार्थ संस्थाओं को दी जाने वाली राजस्व-मुक्त भूमि-प्रदत्तियाँ। | Mughal Empire |
| महानायकाचार्य Mahanayakangacharya | विजयनगर शासकों द्वारा नियुक्त एक शाही प्रशासनिक अधिकारी, जो क्षेत्रीय नायकों के कार्यों का समन्वय और निरीक्षण करता था। | Vijayanagara Empire |
| मनसबदारी Mansabdari | मुगल प्रशासनिक और सैन्य पदानुक्रम व्यवस्था, जिसमें प्रत्येक सामंत (मनसबदार) एक संख्यात्मक रैंक (मनसब) धारण करता था, जो उसकी प्रतिष्ठा, वेतन और सैन्य दायित्व निर्धारित करती थी — मुगल नौकरशाही एवं सैन्य संगठन की रीढ़। | Mughal Empire |
| मनसबदारी व्यवस्था Mansabdari System | अकबर द्वारा प्रवर्तित एक सैन्य-सह-नौकरशाही पदानुक्रम, जिसमें अधिकारियों को दोहरी संख्यात्मक श्रेणियों (ज़ात और सवार) के माध्यम से रैंक दी जाती थी। | Mughal Empire (Akbar) |
| मुन्हियान Munhiyans | अलाउद्दीन ख़िलजी द्वारा नियुक्त गुप्तचर, जो अनाज-मंडियों में मूल्यों की निगरानी और जमाख़ोरी रोकने का कार्य करते थे। | Delhi Sultanate (Khalji) |
| मुक़द्दम Muqaddam | प्राथमिक ग्रामीण स्तर पर स्थानीय भूमि-प्रशासन और कर वसूली हेतु उत्तरदायी मुख्य ग्राम-कार्यकारी अथवा मुखिया। | Sultanate & Mughal Periods |
| मुक़्ती Muqti | दिल्ली सल्तनत में इक़्ता क्षेत्र पर शासन और राजस्व वसूली का अधिकार प्राप्त राजकीय अधिकारी। | Delhi Sultanate |
| नस्क़ Nasaq | मुगल काल में ताज़ा वार्षिक क्षेत्र-मापन के बजाय अनुमान अथवा ऐतिहासिक राजस्व-अभिलेखों पर आधारित एक त्वरित भू-राजस्व निर्धारण प्रक्रिया। | Mughal Empire |
| नायनकर व्यवस्था Nayankara System | विजयनगर साम्राज्य की सैन्य-सामंती संरचना, जिसमें सैन्य सेवा के बदले सेनापतियों (नायकों) को क्षेत्रीय इकाइयाँ प्रदान की जाती थीं। | Vijayanagara Empire |
| निर्गुण Nirguna | भक्ति आंदोलन की एक धारा, जो परम सत्ता को निराकार, निर्गुण तथा अशरीरी रूप में पूजती है, जैसे कबीर और नानक की परंपरा में। | Medieval Religious History |
| पाहीकाश्त Pahi-kasht | अस्थायी अथवा प्रवासी कृषक, जो संविदा-आधारित काश्तकारी पर अपने मूल गाँव के अतिरिक्त किसी अन्य गाँव में भूमि जोतते थे। | Mughal Empire |
| पाइबाक़ी Paibaqi | मुगल अधिकारियों को जागीर के रूप में बाँटने हेतु आरक्षित अथवा अनाबंटित राजस्व भूमि। | Mughal Empire |
| पोलिगार Poligar | विजयनगर एवं परवर्ती राज्यों के अधीन दक्षिण भारत में सुदृढ़ सम्पदाओं (पालयम) के स्वामी क्षेत्रीय सैन्य सरदार अथवा पालैयक्करर। | Vijayanagara & Post-Vijayanagara |
| पोतदार Potdar | स्थानीय परगना स्तर का कोषाध्यक्ष अथवा रोकड़िया, जो सिक्कों की शुद्धता जाँचने और कृषि-निधियों के प्रबंधन हेतु उत्तरदायी था। | Mughal Empire |
| पुष्टिमार्ग Pushtimarga | वल्लभाचार्य द्वारा स्थापित एक वैष्णव भक्ति-संप्रदाय, जो कृष्ण के प्रति निःस्वार्थ भक्ति — अनुग्रह के मार्ग — पर केंद्रित था। | Bhakti Movement |
| क़ाज़ी Qazi | इस्लामी विधि-शास्त्र (शरीअत) के अनुसार असैनिक एवं आपराधिक न्याय का प्रशासन करने वाला इस्लामी न्यायाधीश। | Sultanate & Mughal Periods |
| सद्र-उस-सुदूर Sadr-us-Sudur | दिल्ली सल्तनत तथा मुगल साम्राज्य में धार्मिक अनुदानों, दान तथा न्यायिक संरक्षण का मुख्य धार्मिक अधिकारी एवं मंत्री। | Sultanate & Mughal Periods |
| सगुण Saguna | भक्ति आंदोलन की एक धारा, जो ईश्वर को मानवाकार रूपों, वैयक्तिक गुणों तथा दिव्य अवतारों के माध्यम से पूजती है, जैसे तुलसीदास और सूरदास की परंपरा में। | Medieval Religious History |
| समा Sama | एक सूफी संगीत-सभा अथवा आध्यात्मिक संगीत-आयोजन, जो श्रोताओं में उन्मादपूर्ण भक्ति-भाव तथा आध्यात्मिक तल्लीनता जागृत करने हेतु आयोजित होता था। | Sufism |
| सरदेशमुखी Sardeshmukhi | राजस्व का लगभग एक-दसवाँ भाग, जिसका दावा मराठों ने चौथ के अतिरिक्त किया — मूलतः यह सरदेशमुख, एक वंशानुगत राजस्व-वसूली पद, के अधिकार के रूप में वसूला जाता था। | Maratha Confederacy |
| शहना-ए-मंडी Shahna-i-Mandi | अलाउद्दीन ख़िलजी द्वारा अनाज-मंडियों में मूल्य-निर्धारण, नियमन और आचरण की निगरानी हेतु नियुक्त निरीक्षक। | Delhi Sultanate (Khalji) |
| सिलसिला Silsila | एक सूफी संप्रदाय अथवा आध्यात्मिक परंपरा, जो गुरु-शिष्य परंपरा की निरंतर शृंखला के माध्यम से स्वयं को पैग़म्बर मुहम्मद से जोड़ती है। | Sufism |
| सोंधर Sondhar | सूखे, फसल-नाश अथवा भूमि-पुनरुद्धार परियोजनाओं के दौरान राज्य द्वारा ग्रामीण कृषकों को दिए जाने वाले कृषि-ऋण। | Delhi Sultanate (Tughlaq) |
| सुयूरग़ाल Suyurghal | मुगल शासकों द्वारा विद्वानों, धार्मिक नेताओं तथा धर्मार्थ संस्थाओं को दी जाने वाली वंशानुगत, कर-मुक्त भूमि-प्रदत्तियाँ। | Mughal Empire |
| तनख़ा जागीर Tankha Jagir | मुगल मनसबदारों को नकद वेतन के बदले दी जाने वाली भूमि-राजस्व प्रदत्तियाँ, जो कुछ वर्षों के अंतराल पर स्थानांतरित होती रहती थीं। | Mughal Empire |
| तक़ावी Taqavi | मुगल एवं सल्तनत प्रशासन द्वारा कृषकों को बीज, बैल तथा कुओं में सहायता हेतु वितरित आपातकालीन कृषि-विकास ऋण। | Sultanate & Mughal Periods |
| तरफ़दार Tarafdar | बहमनी सल्तनत में एक क्षेत्रीय प्रांत (तरफ़) की देखरेख करने वाला प्रांतीय गवर्नर अथवा सैन्य प्रधान। | Bahmani Sultanate |
| तुर्कान-ए-चहलगानी Turkan-i-Chahalgani | 'चालीस' का समूह — इल्तुतमिश और उनके प्रारंभिक उत्तराधिकारियों के अधीन दिल्ली सल्तनत के शक्तिशाली तुर्क दास-सामंतों की मंडली, जो तेरहवीं शताब्दी की प्रारंभिक दरबारी राजनीति के केंद्र में थी। | Delhi Sultanate (Early 13th century) |
| वचन Vachanas | वीरशैव संतों — जैसे बसवन्ना, अल्लमा प्रभु — द्वारा रचित लयबद्ध, भक्तिपूर्ण कन्नड़ गद्य-काव्य, जो जाति-भेद और कर्मकांड की आलोचना करते थे। | Medieval South India / Lingayat |
| वारकरी Warkari | महाराष्ट्र में भगवान विठोबा के सम्मान में पंढरपुर तीर्थयात्रा पर केंद्रित एक अ-कर्मकांडी, समतावादी भक्ति आंदोलन। | Medieval Maharashtra / Bhakti |
| वतन जागीर Watan Jagir | क्षेत्रीय सरदारों — जैसे राजपूत शासकों — द्वारा अपनी पैतृक सम्पदाओं में धारित अहस्तांतरणीय, वंशानुगत भूमि-राजस्व प्रदत्तियाँ। | Mughal Empire |
| विलायत Wilayat | वह आध्यात्मिक क्षेत्राधिकार, प्रदेश अथवा डोमेन, जिस पर एक सूफी गुरु (शेख़) आध्यात्मिक सत्ता रखता था। | Sufism |
| ज़ब्त व्यवस्था Zabt System | भूमि-निर्धारण की वह पद्धति, जिसमें भूमि का भौतिक मापन (जरीब) कर फ़सल-उपज के आधार पर निश्चित नकद राजस्व-दर लागू की जाती थी। | Mughal Empire (Akbar) |
| ज़कात Zakat | मुस्लिम नागरिकों की संचित संपत्ति और परिसंपत्तियों पर वार्षिक रूप से लगाया जाने वाला एक अनिवार्य धार्मिक कर (साढ़े दो प्रतिशत), जो धर्मार्थ उद्देश्यों हेतु प्रयुक्त होता था। | Sultanate & Mughal Periods |
| ज़मींदार Zamindar | मुग़ल संप्रभुता के अधीन कृषि भूमि से राजस्व वसूलने का वंशानुगत अधिकार रखने वाले भूमि-अभिजनों हेतु प्रयुक्त एक व्यापक शब्द। | Mughal Empire |
| ज़वाबित Zawabit | सुल्तानों अथवा मुगल सम्राटों द्वारा इस्लामी विधि (शरीअत) की पूरक व्यवस्था हेतु जारी असैनिक राजकीय विनियम, शाही फ़रमान अथवा प्रशासनिक कानून। | Delhi Sultanate & Mughals |
| ज़ियारत Ziyarat | आध्यात्मिक आशीर्वाद (बरकत) एवं मध्यस्थता प्राप्त करने हेतु सूफी संतों की मज़ारों (दरगाहों) पर तीर्थाटन की परंपरा। | Sufism |
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Itihaaskar — UGC NET/JRF & UPSC History Optional notes by Parveen Malik (B.Tech. (CSE), M.A. (History), History JRF). Also spelt Itihaskar.