आधुनिक भारतीय इतिहास — शब्दावली

इस विषय में 123 शब्द — यूजीसी नेट इतिहास (कोड 06) की परीक्षा-दृष्टि से तैयार।

इस विषय के यूनिट-वार संपूर्ण अवलोकन नोट्स: यूनिट 7: आधुनिक भारतीय इतिहास के स्रोत · यूनिट 8: उपनिवेशीय अर्थव्यवस्था · यूनिट 9: भारतीय राष्ट्रवाद का उत्थान

शब्दअर्थकाल / संदर्भ
संघ-युग
Age of Association
इतिहासकारों का वह शब्द जो उस काल (लगभग 1858-1905) को दर्शाता है जब प्रारंभिक भारतीय राजनीतिक गतिविधि संघों के गठन (जैसे इंडियन एसोसिएशन, पूना सार्वजनिक सभा) के रूप में हुई, जो अधिक जन-आधारित राष्ट्रवादी आंदोलन के उदय से पहले उदारवादी, संवैधानिक तरीक़ों को अपनाते थे।c. 1858–1905
अहमदाबाद मिल हड़ताल
Ahmedabad Mill Strike
अहमदाबाद के वस्त्र-मिल मालिकों व श्रमिकों के बीच वेतन को लेकर श्रम-विवाद में गांधीजी का 1918 का हस्तक्षेप, जिसमें मध्यस्थता हेतु दबाव बनाने को भूख-हड़ताल का उपयोग किया गया — केवल कृषि-मुद्दों के बजाय औद्योगिक श्रम-संबंधों पर सत्याग्रह लागू करने का एक प्रारंभिक उदाहरण।1918, Gujarat
अकाली आंदोलन
Akali Movement
1920 के दशक का एक सिख सुधार आंदोलन, जिसका उद्देश्य गुरुद्वारों को भ्रष्ट वंशानुगत महंतों से मुक्त कराना था, जिसके परिणामस्वरूप शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) की स्थापना हुई।Modern India (1920–1925)
अलीगढ़ आंदोलन
Aligarh Movement
सर सैयद अहमद ख़ान द्वारा स्थापित एक सामाजिक-शैक्षणिक सुधार पहल, जिसका उद्देश्य भारतीय मुसलमानों में आधुनिक वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देना था।Modern India (1875 onwards)
अखिल भारतीय किसान सभा
All India Kisan Sabha
स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 1936 में स्थापित एक किसान संगठन, जो किसानों के हितों का प्रतिनिधित्व करने व कृषि-सुधारों की माँग हेतु बना — बाद में यह भारत में साम्यवादी आंदोलन से निकटता से जुड़ गया।Founded 1936
आर्य समाज
Arya Samaj
स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित एक हिंदू सुधार संगठन, जिसने वेदों की सर्वोच्च प्रामाणिकता पर बल देते हुए मूर्ति-पूजा, जाति-कठोरता व बाल-विवाह का विरोध किया, और धर्मांतरित हिंदुओं की वापसी हेतु शुद्धि आंदोलन चलाया।Founded 1875
अगस्त प्रस्ताव, 1940
August Offer (1940)
वायसराय लिनलिथगो द्वारा युद्ध-सहयोग के बदले कार्यकारी परिषद के विस्तार और युद्धोत्तर संविधान-निर्माण संस्था के गठन का प्रस्ताव।Constitutional History (1940)
भूदान आंदोलन
Bhoodan Movement
विनोबा भावे द्वारा 1951 में पोचमपल्ली से आरंभ किया गया स्वैच्छिक भूमि-सुधार आंदोलन, जिसका उद्देश्य संपन्न भूस्वामियों को भूमिहीनों के लिए भूमि दान हेतु प्रेरित करना था।Post-Independence India
भूदान
Bhudan
विनोबा भावे का स्वतंत्रता-पश्चात "भूमि-दान आंदोलन" (1951 से), भूस्वामियों से भूमिहीनों में पुनर्वितरण हेतु स्वेच्छा से भूमि दान करने की अपील — गैर-बलपूर्वक भूमि सुधार का प्रयास, बाद में ग्रामदान आंदोलन तक विस्तारित।1951 Onward
ब्लू वाटर नीति
Blue Water Policy
पुर्तगाली वायसराय फ्रांसिस्को दे अल्मेदा द्वारा तैयार की गई समुद्री रणनीति, जो हिंद महासागर पर नौसैनिक वर्चस्व स्थापित करने पर केंद्रित थी।Advent of Europeans
बहिष्कार
Boycott
स्वदेशी आंदोलन के दौर में ब्रिटिश निर्मित वस्तुओं की ख़रीद और औपनिवेशिक संस्थाओं में भागीदारी से इनकार करने की आर्थिक-सामाजिक रणनीति।National Movement (1905–1911)
ब्रह्म समाज
Brahmo Samaj
राजा राममोहन राय द्वारा 1828 में स्थापित एक एकेश्वरवादी सामाजिक-धार्मिक सुधार संगठन, जिसने सती प्रथा, जातिगत भेदभाव और मूर्तिपूजा का विरोध किया।Modern India (1828)
कैबिनेट मिशन, 1946
Cabinet Mission (1946)
पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर की एक ब्रिटिश मिशन, जिसने संयुक्त भारत हेतु त्रि-स्तरीय संघीय ढाँचे और संविधान सभा का प्रस्ताव रखा।Constitutional History (1946)
कार्टाज़ व्यवस्था
Cartaz System
पुर्तगाली साम्राज्य द्वारा जारी नौसैनिक व्यापार-अनुज्ञप्ति अथवा पास, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर में समुद्री व्यापारिक जलयानों को नियंत्रित करना और व्यापार-एकाधिकार लागू करना था।Advent of Europeans
चंपारण सत्याग्रह
Champaran Satyagraha
भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह अभियान (1917), जो बिहार के चंपारण में नील किसानों की ओर से शुरू किया गया, जिन्हें तिनकठिया व्यवस्था के तहत अपनी भूमि के एक हिस्से पर नील की खेती करने हेतु बाध्य किया जाता था — भारतीय धरती पर गांधीजी के तरीक़ों का एक सफल प्रारंभिक प्रदर्शन।1917, Bihar
चार्टर अधिनियम, 1813
Charter Act of 1813
ब्रिटिश विधान, जिसने भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापार-एकाधिकार को समाप्त किया (चाय और चीन-व्यापार को छोड़कर) और शिक्षा हेतु एक लाख रुपये आवंटित किए।Constitutional History (1813)
चार्टर अधिनियम, 1833
Charter Act of 1833
विधान, जिसने ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यावसायिक गतिविधियों को पूर्णतः समाप्त कर बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत के गवर्नर-जनरल के रूप में नामित किया।Constitutional History (1833)
चौरी-चौरा कांड
Chauri Chaura Incident
फ़रवरी 1922 की एक घटना, उत्तर प्रदेश में, जहाँ एक हिंसक भीड़ ने एक थाने में आग लगा दी, जिसमें अंदर मौजूद पुलिसकर्मी मारे गए — सख़्त अहिंसा के प्रति प्रतिबद्ध गांधीजी ने इसके तुरंत बाद, व्यापक जन-समर्थन के बावजूद, असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।February 1922
सविनय अवज्ञा आंदोलन
Civil Disobedience Movement
गांधीजी का दूसरा प्रमुख राष्ट्रव्यापी आंदोलन (1930-34), जिसकी शुरुआत दांडी नमक यात्रा से हुई, जिसमें औपनिवेशिक क़ानूनों (विशेषतः नमक कर) का जानबूझकर, सार्वजनिक उल्लंघन जन-अहिंसक प्रतिरोध के एक रूप के रूप में शामिल था।1930–1934
उपनिवेशवाद
Colonialism
एक व्यवस्था जिसमें एक देश दूसरे क्षेत्र और उसके लोगों पर राजनीतिक-आर्थिक नियंत्रण स्थापित करता है, प्रायः संसाधन दोहन और बाजार नियंत्रण हेतु — भारतीय संदर्भ में, इतिहासकारों द्वारा वैश्विक पूंजीवादी अर्थव्यवस्था में एकीकरण के कारण पूर्व-औपनिवेशिक विजय से अलग माना जाता है।c. 1757–1947
कृषि का व्यापारीकरण
Commercialization of Agriculture
ब्रिटिश शासन के अधीन भारतीय कृषि को निर्यात-बाज़ार हेतु नक़दी फ़सलों — नील, कपास, अफ़ीम — की खेती की ओर बलपूर्वक मोड़ना।Colonial Economy
साम्प्रदायिक पंचाट, 1932
Communal Award (1932)
रैम्जे मैकडोनाल्ड द्वारा घोषित निर्णय, जिसने दलित वर्गों को पृथक निर्वाचन-मंडल प्रदान किया, जिसके फलस्वरूप गांधी जी का अनशन और पूना समझौता हुआ।Constitutional History (1932)
सम्प्रदायवाद
Communalism
एक विचारधारा जो धार्मिक सामुदायिक पहचान को सामाजिक-राजनीतिक हित का प्राथमिक आधार मानती है, यह मानते हुए कि विभिन्न धार्मिक समुदायों के अंतर्निहित, प्रायः परस्पर विरोधी, राजनीतिक हित हैं — विभाजन तक ले जाने वाली उत्तर-औपनिवेशिक राजनीति की एक प्रमुख शक्ति।Late 19th Century Onward
भारतीय संविधान सभा
Constituent Assembly of India
1946 में स्वतंत्र भारत का संविधान तैयार करने हेतु निर्वाचित संस्था, जिसकी अध्यक्षता राजेंद्र प्रसाद ने की व मसौदा समिति का नेतृत्व बी.आर. अंबेडकर ने किया — यह 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने तक भारत की अनंतिम संसद के रूप में भी कार्य करती रही।1946–1950
क्रिप्स मिशन, 1942
Cripps Mission (1942)
सर स्टैफ़र्ड क्रिप्स के नेतृत्व में 1942 का मिशन, जिसने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद भारत को डोमिनियन स्तर देने का प्रस्ताव रखा, जिसे कांग्रेस ने उत्तर-दिनांकित चेक कहकर अस्वीकार किया।Constitutional History (1942)
विऔद्योगीकरण
De-industrialisation
उन्नीसवीं शताब्दी में औपनिवेशिक आर्थिक नीति के अंतर्गत भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योगों, विशेषतः वस्त्र-उद्योग, के पतन को दर्शाने वाला इतिहास-लेखन का शब्द — औपनिवेशिक भारत के आर्थिक इतिहास का एक केंद्रीय विषय।Colonial Economy (19th century)
विऔद्योगीकरण
De-industrialization
सस्ते ब्रिटिश मशीन-निर्मित आयातित माल की बाढ़ के कारण भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प एवं शिल्पकार-उद्योगों का विनाश।Colonial Economy
दक्कन दंगे 1875
Deccan Riots 1875
बॉम्बे दक्कन के पूना व अहमदनगर ज़िलों में साहूकारों (मुख्यतः मारवाड़ी व गुजराती) के विरुद्ध कर्ज़ व भूमि-अलगाव को लेकर किसान-विद्रोह, जिसके परिणामस्वरूप 1879 का दक्कन कृषक राहत अधिनियम पारित हुआ।1875, Bombay Deccan
देवबंद आंदोलन
Deoband Movement
क़ासिम नानौतवी और रशीद अहमद गंगोही द्वारा 1866 में देवबंद में स्थापित एक रूढ़िवादी इस्लामी पुनरुत्थानवादी आंदोलन, जो नैतिक सुधार पर लक्षित था।Modern India (1866)
दलित वर्ग संघ
Depressed Classes Association
बी.आर. अंबेडकर द्वारा दलित वर्गों के राजनीतिक व सामाजिक अधिकारों की वक़ालत हेतु स्थापित एक संगठन, जो अंबेडकर की अलग निर्वाचन-क्षेत्रों की माँग के केंद्र में था, जिसके परिणामस्वरूप 1932 का पूना समझौता हुआ।Founded 1920s
प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस 1946
Direct Action Day 1946
मुस्लिम लीग द्वारा 16 अगस्त 1946 को पाकिस्तान की अपनी माँग हेतु दबाव बनाने के लिए बुलाया गया एक विरोध-दिवस, जिसने गंभीर सांप्रदायिक हिंसा को जन्म दिया, विशेषतः कलकत्ता में — विभाजन की ओर ले जाने वाली घटनाओं में एक महत्वपूर्ण वृद्धि-बिंदु।16 August 1946
व्यपगत का सिद्धांत
Doctrine of Lapse
लॉर्ड डलहौज़ी द्वारा लागू विलय-नीति, जिसके अंतर्गत बिना प्राकृतिक पुत्र-उत्तराधिकारी के निधन होने वाले शासकों की रियासतें — जैसे सतारा, झांसी — अंग्रेज़ी राज्य में मिला ली गईं।British Imperial Expansion
धन का अपवाह
Drain of Wealth
भारतीय पूँजी, संसाधनों और राजस्व का बिना पर्याप्त प्रतिफल के ब्रिटेन को निर्यात, जिसे दादाभाई नौरोजी ने प्रतिपादित किया।Colonial Economy
द्वैध शासन प्रणाली
Dual System of Government
रॉबर्ट क्लाइव द्वारा बंगाल में (1765-1772) स्थापित प्रशासनिक व्यवस्था, जिसमें राजस्व-अधिकार (दीवानी) को क़ानून-व्यवस्था (निज़ामत) से पृथक कर दिया गया था।British Expansion (1765–1772)
द्वैध शासन (डायआर्की)
Dyarchy
भारत शासन अधिनियम 1919 द्वारा प्रवर्तित प्रांतीय द्वैध शासन-प्रणाली, जिसमें विषयों को हस्तांतरित और आरक्षित सूचियों में विभाजित किया गया था।Constitutional History (1919)
आर्थिक अपवहन
Economic Drain
दादाभाई नौरोजी का सिद्धांत (पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया में) कि ब्रिटेन ने व्यवस्थित रूप से भारत की संपत्ति बिना पर्याप्त प्रतिफल के निकाली — अप्रतिदेय निर्यात, "होम चार्जेज़" और ब्रिटिश अधिकारियों के वेतन प्रत्यावर्तन के माध्यम से।Late 19th Century (Naoroji)
आर्थिक राष्ट्रवाद
Economic Nationalism
राष्ट्रवादी आलोचना (दादाभाई नौरोजी, आर.सी. दत्त और एम.जी. रानाडे द्वारा सर्वाधिक व्यवस्थित रूप से विकसित) कि ब्रिटिश औपनिवेशिक आर्थिक नीति ने व्यवस्थित रूप से भारत को निर्धन किया — "धन के अपवहन" जैसी अवधारणाओं के माध्यम से अभिव्यक्त।Late 19th–Early 20th Century
सुधर्मवाद
Evangelicalism
एक प्रोटेस्टेंट ईसाई पुनरुत्थानवादी आंदोलन, जिसने 19वीं सदी के प्रारंभिक ब्रिटिश नीति-निर्माण मंडलों में प्रभाव प्राप्त किया, भारत में ईसाई मिशनरी गतिविधि और सामाजिक सुधार (जैसे सती-विरोध) को बढ़ावा देते हुए।Early 19th Century
फ़ैक्ट्री अधिनियम 1881
Factory Act 1881
औपनिवेशिक भारत में पहला महत्वपूर्ण श्रम-विधान, जिसने बाल-श्रम पर प्रतिबंध लगाया व फ़ैक्ट्रियों में बुनियादी सुरक्षा-उपायों को अनिवार्य किया, यद्यपि इसका प्रवर्तन कमज़ोर रहा और बाद के संशोधनों (1891, 1911) ने इसके प्रावधानों का विस्तार किया।1881
फ़रायज़ी आंदोलन
Faraizi Movement
हाजी शरीयतुल्लाह द्वारा स्थापित बंगाल का एक इस्लामी सुधार आंदोलन, जो शुरू में धार्मिक शुद्धिकरण पर केंद्रित था पर उनके पुत्र दूदू मियाँ के नेतृत्व में दमनकारी ज़मींदारों व नील बाग़ान-मालिकों के विरुद्ध एक संगठित कृषक आंदोलन में विकसित हुआ।c. 1820s onward, Bengal
संघवाद
Federalism
शासकीय शक्ति को केंद्रीय प्राधिकरण और घटक क्षेत्रीय इकाइयों के बीच विभाजित करने वाली संवैधानिक व्यवस्था — भारत सरकार अधिनियम 1935 द्वारा ब्रिटिश भारत हेतु एक सीमित, अपूर्ण रूप में प्रस्तुत, बाद में भारतीय संविधान का मूल संरचनात्मक सिद्धांत।Government of India Act 1935 Onward
फ़ेइतोरिया
Feitoria
यूरोपीय कंपनियों द्वारा भारतीय तटों पर स्थापित सुदृढ़ तटीय व्यापारिक चौकियाँ, कारख़ाने अथवा वाणिज्यिक भंडारगृह।Advent of Europeans
फिल्टर सिद्धान्त
Filtration Theory
औपनिवेशिक शिक्षा नीति की धारणा (मैकाले के मिनट में निहित) कि एक छोटे अंग्रेजी-शिक्षित भारतीय अभिजात वर्ग को दी गई पश्चिमी शिक्षा धीरे-धीरे "छनकर" व्यापक जनसंख्या तक पहुंचेगी और उसका उत्थान करेगी।1835 Onward (Macaulay's Minute)
अग्रवर्ती नीति
Forward Policy
भारत की प्राकृतिक/रणनीतिक सीमाओं (विशेषकर उत्तर-पश्चिम सीमांत और अफगानिस्तान) तक प्रत्यक्ष नियंत्रण और प्रभाव बढ़ाने की आक्रामक ब्रिटिश सीमांत रणनीति, कथित रूसी विस्तार को रोकने हेतु — अधिक सतर्क "निकट सीमा" नीति के विपरीत।19th Century (Great Game)
गांधी-इरविन समझौता
Gandhi-Irwin Pact
मार्च 1931 का गांधीजी व वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच समझौता, जिसके तहत गांधीजी ने राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई व नमक उत्पादन पर सीमित रियायतों के बदले सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित करने व दूसरे गोलमेज़ सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति जताई।March 1931
ग़दर पार्टी
Ghadar Party
1913 में अमेरिका व कनाडा में भारतीय प्रवासियों (मुख्यतः पंजाबी) द्वारा स्थापित एक क्रांतिकारी संगठन, जिसका उद्देश्य सशस्त्र क्रांति के माध्यम से भारत में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था — इसने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान एक बड़े विद्रोह की योजना बनाई, जिसे ब्रिटिश ख़ुफ़िया तंत्र ने काफ़ी हद तक दबा दिया।Founded 1913, US/Canada
भारत सरकार अधिनियम 1858
Government of India Act 1858
1857 के विद्रोह के बाद पारित विधान, जिसने भारत का शासन ईस्ट इंडिया कंपनी से सीधे ब्रिटिश ताज को हस्तांतरित किया — इसने कंपनी-शासन को समाप्त कर भारत सचिव (सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट) के पद की स्थापना की।1858
भारत सरकार अधिनियम 1919
Government of India Act 1919
मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधारों को लागू करने वाला विधान, जिसने प्रांतों में द्वैध शासन (डायआर्की) की शुरुआत की — प्रशासन को भारतीय मंत्रियों के अधीन 'हस्तांतरित' व ब्रिटिश अधिकारियों के अधीन 'आरक्षित' विषयों में बाँटा गया — स्वशासन की ओर एक सीमित क़दम।1919
भारत सरकार अधिनियम 1935
Government of India Act 1935
एक अखिल-भारतीय संघ व प्रांतों में उत्तरदायी शासन के साथ प्रांतीय स्वायत्तता का प्रस्ताव रखने वाला व्यापक विधान — संघ वाला भाग कभी लागू नहीं हुआ, पर प्रांतीय स्वायत्तता प्रभाव में आई, और यह अधिनियम बाद में भारत के अपने 1950 के संविधान हेतु अनुकूलित मूल ढाँचे के रूप में कार्य करता रहा।1935
ग्रामदान
Gramdan
भूदान आंदोलन की एक शाखा, जिसमें संपूर्ण गाँव अपनी भूमि-जोत को सामूहिक प्रबंधन और समान वितरण हेतु एकत्रित कर देते थे।Post-Independence India
हिन्द स्वराज
Hind Swaraj
एम.के. गांधी की 1909 की राजनीतिक कृति, जो लंदन से भारत की समुद्री यात्रा के दौरान गुजराती में लिखी गई, पश्चिमी औद्योगिक सभ्यता और आधुनिक संस्थाओं की तीखी आलोचना करते हुए सच्चे स्वराज की गांधी की अपनी दृष्टि प्रस्तुत करती है।1909
हिन्दू कोड बिल
Hindu Code Bill
हिंदू व्यक्तिगत कानून को सुधारने और संहिताबद्ध करने वाले कानूनों का समूह (हिंदू विवाह अधिनियम, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक व संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक व भरण-पोषण अधिनियम, 1955-56) — बी.आर. अंबेडकर द्वारा संचालित, विवाह, तलाक और विशेषकर स्त्रियों के उत्तराधिकार अधिकारों में सुधार।1955–1956
होम चार्जेज़
Home Charges
भारत के लिए राज्य-सचिव द्वारा ब्रिटेन में किया जाने वाला आधिकारिक व्यय, जिसमें पेंशन, ऋण पर ब्याज और सैन्य ख़रीद शामिल थे।Colonial Economy
होम रूल आंदोलन
Home Rule Movement
1916 में बाल गंगाधर तिलक व एनी बेसेंट द्वारा शुरू किया गया आंदोलन, जिसने ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत हेतु स्वशासन (होम रूल) की माँग की, आंशिक रूप से आयरिश होम रूल आंदोलन के मॉडल पर आधारित — इसने कांग्रेस विभाजन के बाद जन-राजनीतिक गतिविधि को पुनर्जीवित करने में मदद की।1916–1918
हंटर आयोग, 1882
Hunter Commission (1882)
लॉर्ड रिपन के अधीन नियुक्त शिक्षा आयोग, जिसने वुड्स डिस्पैच के बाद से शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्राथमिक शिक्षा पर विशेष बल दिया।Social / Educational History
इलबर्ट बिल, 1883
Ilbert Bill (1883)
लॉर्ड रिपन के अधीन प्रस्तावित विधेयक, जिसका उद्देश्य भारतीय मजिस्ट्रेटों को यूरोपीय अपराधियों पर मुक़दमा चलाने का अधिकार देना था, जिसने तीव्र आंग्ल-भारतीय विरोध को जन्म दिया।Modern India (1883)
भारतीय परिषद अधिनियम 1892
Indian Councils Act 1892
ब्रिटिश भारत में विधान परिषदों के आकार व (अप्रत्यक्ष रूप से) निर्वाचित तत्व का मामूली विस्तार करने वाला विधान — कहीं अधिक व्यापक 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधारों से पहले भारतीय प्रतिनिधित्व के क्रमिक विस्तार की दिशा में एक सीमित पर वास्तविक क़दम।1892
भारतीय परिषद अधिनियम, 1909
Indian Councils Act 1909
मॉर्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी प्रसिद्ध, इसने मुसलमानों हेतु पृथक निर्वाचन-मंडल प्रस्तुत किया और विधान परिषदों की सदस्य-संख्या बढ़ाई।Constitutional History (1909)
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947
Indian Independence Act 1947
ब्रिटिश संसदीय विधान, जिसने 15 अगस्त 1947 से भारत व पाकिस्तान को दो अलग-अलग डोमिनियन के रूप में औपचारिक रूप से स्वतंत्रता प्रदान की — इसने ब्रिटिश ताज-शासन को समाप्त किया और विभाजन हेतु क़ानूनी आधार प्रदान किया।1947
भारतीय पुनर्जागरण
Indian Renaissance
औपनिवेशिक भारत में 19वीं सदी का बौद्धिक, सामाजिक और धार्मिक जागरण — सामाजिक-धार्मिक सुधार (ब्रह्म समाज, आर्य समाज), नए देशी साहित्य व प्रेस, और आधुनिक शिक्षा को समाहित करते हुए, यूरोपीय पुनर्जागरण से प्रायः तुलना की जाती है।19th Century
नील विद्रोह
Indigo Revolt
बंगाल में किसानों का विद्रोह (1859-60), यूरोपीय बाग़ान-मालिकों के विरुद्ध जो किसानों को शोषणकारी, अलाभकर शर्तों पर नील की खेती करने हेतु बाध्य करते थे — संगठित किसान-प्रतिरोध व बौद्धिक-प्रेस समर्थन (नील दर्पण नाटक सहित) के एक प्रारंभिक उदाहरण के रूप में महत्वपूर्ण।1859–1860, Bengal
व्यक्तिगत सत्याग्रह
Individual Satyagraha
गांधीजी द्वारा 1940-41 में शुरू किया गया एक सीमित, प्रतीकात्मक विरोध का रूप, जिसमें चुनिंदा व्यक्ति (विनोबा भावे से शुरुआत करते हुए) युद्ध-प्रयास के विरुद्ध सार्वजनिक रूप से बोलकर खुलेआम गिरफ़्तारी को आमंत्रित करते थे — बाद के भारत छोड़ो आंदोलन की तुलना में जानबूझकर एक संयमित आंदोलन।1940–1941
अंतरिम सरकार 1946
Interim Government 1946
सितंबर 1946 में गठित एक संक्रमणकालीन सरकार, जिसमें जवाहरलाल नेहरू वायसराय की कार्यकारी परिषद के उपाध्यक्ष थे, जो स्वतंत्रता से पहले के अंतिम काल में भारत के वास्तविक मंत्रिमंडल के रूप में कार्य करती थी — मुस्लिम लीग बाद में शामिल हुई, पर संबंध तनावपूर्ण बने रहे।September 1946 – August 1947
जलियाँवाला बाग़ नरसंहार
Jallianwala Bagh Massacre
13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियाँवाला बाग़ में एकत्रित निहत्थे नागरिकों की जनरल डायर के आदेश पर सैनिकों द्वारा हत्या — ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का एक निर्णायक अत्याचार, जिसने भारतीय जनमत को झकझोर दिया और सीधे असहयोग आंदोलन को हवा दी।13 April 1919
खेड़ा सत्याग्रह
Kheda Satyagraha
गुजरात के खेड़ा ज़िले में गांधीजी का 1918 का अभियान, जिसने अकाल के वर्ष में लगान-माफ़ी की माँग करने वाले किसानों का अहिंसक असहयोग के माध्यम से समर्थन किया — यह वल्लभभाई पटेल को एक अग्रणी राष्ट्रवादी भूमिका में लाने हेतु उल्लेखनीय है।1918, Gujarat
लाहौर अधिवेशन 1929
Lahore Session 1929
लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन, जहाँ जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में पार्टी ने पहले की डोमिनियन दर्जे की माँग के स्थान पर पूर्ण स्वराज (संपूर्ण स्वतंत्रता) को औपचारिक रूप से अपना लक्ष्य घोषित किया — इसके बाद 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया।December 1929
स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव 1882
Local Self-Government Act 1882
वायसराय लॉर्ड रिपन का एक प्रस्ताव, जिसने नगरपालिका बोर्डों व ज़िला परिषदों के माध्यम से निर्वाचित भारतीय प्रतिनिधित्व सहित स्थानीय स्वशासन को बढ़ावा दिया — इसी पहल के लिए रिपन को प्रायः 'भारत में स्थानीय स्वशासन के जनक' कहा जाता है।1882
लखनऊ समझौता 1916
Lucknow Pact 1916
1916 के लखनऊ अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस व मुस्लिम लीग के बीच हुआ समझौता, जिसने कांग्रेस के उदारवादी व उग्रवादी गुटों को पुनः एकजुट किया और साथ ही मुसलमानों हेतु अलग निर्वाचन-क्षेत्र भी स्थापित किए — राष्ट्रवादी आंदोलन में हिंदू-मुस्लिम राजनीतिक एकता का एक दुर्लभ क्षण।1916
मैकाले मिनट 1835
Macaulay's Minute 1835
थॉमस बबिंगटन मैकाले का प्रभावशाली नीति-वक्तव्य, जिसमें पारंपरिक भारतीय/संस्कृत/फ़ारसी शिक्षा के बजाय अंग्रेज़ी-माध्यम पश्चिमी शिक्षा का समर्थन किया गया — इसने सीधे कंपनी के 1835 के भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा को प्राथमिकता देने के निर्णय को आकार दिया।1835
महलवाड़ी
Mahalwari
एक औपनिवेशिक भू-राजस्व बंदोबस्त व्यवस्था, मुख्यतः उत्तर-पश्चिम प्रांतों और पंजाब में, जिसमें राजस्व का निर्धारण गाँव अथवा सम्पदा (महल) को इकाई मानकर किया जाता था, तथा उसके भूस्वामियों पर संयुक्त उत्तरदायित्व होता था।Colonial Economy (North-Western Provinces & Punjab)
महलवाड़ी व्यवस्था
Mahalwari System
होल्ट मैकेंज़ी द्वारा 1822 में उत्तर-पश्चिम प्रांतों में प्रवर्तित भू-राजस्व व्यवस्था, जिसमें संपूर्ण ग्राम-सम्पदा (महल) पर सामूहिक रूप से राजस्व निर्धारित किया जाता था।Colonial Economy
वणिकत्ववाद
Mercantilism
प्रारंभिक-आधुनिक यूरोपीय आर्थिक सिद्धांत, जिसके अनुसार अनुकूल व्यापार संतुलन के माध्यम से बुलियन संचय से राष्ट्रीय संपत्ति अधिकतम होती है — प्रारंभिक ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक एकाधिकार नीति के पीछे की मार्गदर्शक तर्कणा।17th–18th Century (Early Colonial Trade)
मिश्रित अर्थव्यवस्था
Mixed Economy
स्वतंत्रता-पश्चात भारतीय आर्थिक मॉडल, जो राज्य-निर्देशित योजना और सार्वजनिक-क्षेत्र उद्यम (विशेषकर भारी उद्योग में) को निरंतर निजी क्षेत्र के साथ संयोजित करता है — औद्योगिक नीति प्रस्ताव 1948 व 1956 तथा पंचवर्षीय योजनाओं द्वारा औपचारिक।1948 Onward
मॉण्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधार
Montagu-Chelmsford Reforms
भारत शासन अधिनियम 1919 में सन्निहित संवैधानिक सुधार, जिसने ब्रिटिश भारतीय प्रांतों में द्वैध शासन की स्थापना की।Constitutional History (1919)
माउंटबेटन योजना, 1947
Mountbatten Plan (1947)
वायसराय माउंटबेटन की तीन जून 1947 की योजना, जिसने ब्रिटिश भारत के भारत और पाकिस्तान में विभाजन तथा सत्ता-हस्तांतरण की रूपरेखा प्रस्तुत की।Constitutional History (1947)
मुंडा विद्रोह
Munda Rebellion
छोटानागपुर क्षेत्र में बिरसा मुंडा के नेतृत्व में ज़मींदारों, साहूकारों व आदिवासी भूमि-अधिकारों पर अतिक्रमण करने वाली औपनिवेशिक वन-नीतियों के विरुद्ध आदिवासी विद्रोह (1899-1900) — बिरसा मुंडा के इस आंदोलन (उलगुलान) को उपनिवेश-विरोधी व शोषण-विरोधी दोनों संघर्ष के रूप में याद किया जाता है।1899–1900
नेहरू रिपोर्ट 1928
Nehru Report 1928
साइमन कमीशन की पूर्णतः-ब्रिटिश संरचना के जवाब में मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता वाली एक भारतीय समिति द्वारा तैयार किया गया संवैधानिक ढाँचा, जिसने भारत हेतु डोमिनियन दर्जे का प्रस्ताव रखा — यह भारतीयों द्वारा स्वयं एक संवैधानिक खाका तैयार करने का एक उल्लेखनीय प्रारंभिक उदाहरण था।1928
गुटनिरपेक्ष आंदोलन
Non-Aligned Movement (NAM)
जवाहरलाल नेहरू द्वारा सह-स्थापित शीतयुद्ध-कालीन विदेश-नीति मंच, जो प्रमुख शक्ति-गुटों से रणनीतिक स्वायत्तता का दावा करता था।Post-Independence Foreign Policy
असहयोग आंदोलन
Non-Cooperation Movement
गांधीजी का पहला राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन (1920-22), जिसमें भारतीयों से ब्रिटिश संस्थानों से सहयोग वापस लेने का आह्वान किया गया — स्कूलों, अदालतों, उपाधियों व विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार — यह आंशिक रूप से रौलट एक्ट व जलियाँवाला बाग़ नरसंहार की प्रतिक्रिया में शुरू हुआ, और चौरी-चौरा कांड के बाद वापस ले लिया गया।1920–1922
प्राच्य निरकुंशतावाद
Oriental Despotism
एक औपनिवेशिक-युग पश्चिमी सैद्धांतिक निर्माण (मॉन्तेस्क्यू से कार्ल मार्क्स के "एशियाई उत्पादन प्रणाली" तक जुड़ा), जो एशियाई समाजों को ऐतिहासिक रूप से सर्वशक्तिमान, अनियंत्रित निरंकुश शासकों द्वारा शासित निष्क्रिय जनता के रूप में चित्रित करता है।Colonial Historiography
पाबना आंदोलन
Pabna Disturbances
बंगाल के पाबना ज़िले में ज़मींदारों द्वारा अवैध लगान-वृद्धि व बेदख़ली के विरुद्ध किसान-आंदोलन, जिसने कृषक-लीगों के गठन को जन्म दिया और 1885 के बंगाल काश्तकारी अधिनियम को प्रभावित किया।1873 onward, Bengal
पंचशील
Panchsheel
भारत और चीन द्वारा 1954 में हस्ताक्षरित शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत, जो द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंधों का मार्गदर्शन करने हेतु बनाए गए थे।Post-Independence Foreign Policy
सर्वोच्चता का सिद्धांत
Paramountcy
वह सिद्धांत, जो भारत की समस्त रियासतों पर ब्रिटिश क्राउन के सर्वोच्च संप्रभु अधिकार का दावा करता था।British Imperial Policy
बंगाल विभाजन 1905
Partition of Bengal 1905
वायसराय कर्ज़न द्वारा बंगाल को दो प्रांतों में बाँटना, जिसे आधिकारिक रूप से एक प्रशासनिक क़दम बताया गया पर व्यापक रूप से इसे बंगाली राजनीतिक एकता व हिंदू-मुस्लिम एकजुटता को कमज़ोर करने के इरादे से किया गया माना जाता है — इसने स्वदेशी आंदोलन को जन्म दिया और अंततः 1911 में रद्द कर दिया गया।1905–1911
निष्क्रिय प्रतिरोध
Passive Resistance
औपनिवेशिक क़ानूनों के साथ असहयोग की गैर-हिंसक राजनीतिक कार्रवाई-रणनीति, जिसे अरविंद घोष ने प्रतिपादित किया और बाद में महात्मा गांधी ने विकसित किया।National Movement
स्थायी बंदोबस्त, 1793
Permanent Settlement (1793)
लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा बंगाल में प्रवर्तित भू-राजस्व व्यवस्था, जिसने भू-कर को ज़मींदारों के साथ स्थायी रूप से निर्धारित कर दिया।Colonial Economy
पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
Pitt's India Act (1784)
विधान, जिसने लंदन में बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल की स्थापना कर ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनीतिक मामलों की निगरानी और दोहरे नियंत्रण की व्यवस्था बनाई।Constitutional History (1784)
पूना समझौता, 1932
Poona Pact (1932)
डॉ. बी.आर. आंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच हुआ समझौता, जिसने दलित वर्गों के लिए पृथक निर्वाचन-मंडल के स्थान पर आरक्षित सीटों की व्यवस्था की।Political History (1932)
प्रार्थना समाज
Prarthana Samaj
1867 में महाराष्ट्र में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित एक हिंदू सुधार सभा, जिसने जिस ब्रह्म समाज से प्रेरणा ली, उससे भी कहीं अधिक सीधे तौर पर सामाजिक सुधार — विशेषतः जाति-सुधार व महिला-शिक्षा — पर बल दिया।Founded 1867, Maharashtra
प्रांतीय स्वायत्तता
Provincial Autonomy
भारत शासन अधिनियम 1935 के अधीन प्रवर्तित शासन-ढाँचा, जिसने प्रांतीय द्वैध शासन को समाप्त कर उत्तरदायी प्रांतीय शासन प्रदान किया।Constitutional History (1935)
भारत छोड़ो आंदोलन
Quit India Movement
गांधीजी द्वारा अगस्त 1942 में 'करो या मरो' के आह्वान के साथ शुरू किया गया, ब्रिटिश शासन के तत्काल अंत की माँग करने वाला आंदोलन — स्वतंत्रता आंदोलन का अब तक का सबसे व्यापक जन-विद्रोह, जिसका सामना कांग्रेस नेतृत्व की व्यापक गिरफ़्तारियों से हुआ, जिसने स्थानीय व युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में धकेल दिया।August 1942
रैडक्लिफ़ रेखा
Radcliffe Line
सर सिरिल रैडक्लिफ़ द्वारा 1947 में निर्धारित सीमा-रेखा, जिसने बंगाल और पंजाब को भारत तथा पाकिस्तान के बीच विभाजित किया।Post-Independence / Partition
रामकृष्ण मिशन
Ramakrishna Mission
स्वामी विवेकानंद द्वारा 1897 में अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर स्थापित एक धार्मिक व परोपकारी संगठन, जिसने शिक्षा, स्वास्थ्य-सेवा व समाज-सेवा के माध्यम से व्यावहारिक वेदांत पर बल दिया।Founded 1897
रेग्युलेटिंग एक्ट, 1773
Regulating Act of 1773
बंगाल में ईस्ट इंडिया कंपनी के मामलों की निगरानी और नियंत्रण हेतु पहला संसदीय अधिनियम, जिसने गवर्नर-जनरल पद की स्थापना की।Constitutional History (1773)
पुनःपरिवर्तनवाद
Revivalism
19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों की एक धारा, जो हिंदू (या अन्य) धार्मिक परंपराओं के मूल, "शुद्ध" रूपों की ओर लौटकर नवीकरण की मांग करती थी — जैसे आर्य समाज का वैदिक धर्म की ओर लौटने का आह्वान।19th Century Socio-Religious Reform
गोलमेज़ सम्मेलन
Round Table Conferences
लंदन में ब्रिटिश अधिकारियों, भारतीय राजनीतिक दलों व रियासतों के बीच संवैधानिक सुधार पर चर्चा हेतु तीन सम्मेलनों (1930, 1931, 1932) की एक शृंखला — केवल दूसरे में कांग्रेस ने (गांधीजी के प्रतिनिधित्व में) भाग लिया, और किसी ने भी स्थायी समाधान नहीं दिया।1930–1932
रौलट एक्ट
Rowlatt Act
1919 का एक क़ानून, जिसने युद्धकालीन आपातकालीन शक्तियों को विस्तारित करते हुए बिना मुक़दमे के हिरासत की अनुमति दी और नागरिक स्वतंत्रताओं में कटौती की — इसके व्यापक विरोध ने सीधे उन प्रदर्शनों को जन्म दिया जो जलियाँवाला बाग़ नरसंहार तक ले गए और असहयोग आंदोलन को हवा दी।1919
रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह 1946
Royal Indian Navy Mutiny 1946
फ़रवरी 1946 का भारतीय नौसैनिकों का विद्रोह, ख़राब परिस्थितियों व भेदभावपूर्ण व्यवहार के विरुद्ध, जो कई बंदरगाहों तक फैल गया व संक्षिप्त रूप से राष्ट्रवादी रंग ले लिया — इसे प्रायः भारत छोड़ने की ब्रिटिश इच्छा को तेज़ करने वाले एक कारक के रूप में उद्धृत किया जाता है।February 1946
रैयतवाड़ी
Ryotwari
एक औपनिवेशिक भू-राजस्व बंदोबस्त व्यवस्था — विशेषतः मद्रास और बॉम्बे प्रेसीडेंसी में — जिसके अंतर्गत राज्य ज़मींदार मध्यस्थ के बिना सीधे व्यक्तिगत कृषक (रैयत) से राजस्व का निर्धारण और वसूली करता था।Colonial Economy (Madras & Bombay Presidencies)
रैयतवाड़ी व्यवस्था
Ryotwari System
थॉमस मुनरो और अलेक्ज़ेंडर रीड द्वारा मद्रास/बॉम्बे में प्रवर्तित भू-राजस्व व्यवस्था, जिसमें राजस्व सीधे किसान-स्वामियों (रैयतों) से वसूला जाता था।Colonial Economy
सेफ़्टी वाल्व सिद्धांत
Safety Valve Theory
प्रारंभिक लेखकों द्वारा प्रस्तुत परिकल्पना, जिसके अनुसार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ए.ओ. ह्यूम ने जनता के ब्रिटिश-विरोधी असंतोष को सुरक्षित रूप से निकालने हेतु की थी।National Movement History
संथाल विद्रोह
Santhal Rebellion
राजमहल पहाड़ियों में संथाल समुदाय द्वारा दमनकारी ज़मींदारों, साहूकारों व औपनिवेशिक राजस्व-नीति के विरुद्ध एक बड़ा आदिवासी विद्रोह (1855-56), जिसे क्रूरता से दबाया गया, पर जिसके परिणामस्वरूप संथाल परगना को एक अलग प्रशासनिक इकाई के रूप में बनाया गया।1855–1856
सती प्रथा उन्मूलन 1829
Sati Abolition 1829
गवर्नर-जनरल विलियम बेंटिक द्वारा पारित 1829 का विनियमन XVII, जिसने सती प्रथा (विधवा को जीवित जलाना) को अवैध घोषित किया — यह मुख्यतः सुधारक राजा राममोहन राय के निरंतर प्रयासों से संभव हुआ।1829
सत्याग्रह
Satyagraha
गांधी का अहिंसक, अनुशासित प्रतिरोध का सिद्धांत — शाब्दिक अर्थ "सत्य पर आग्रह" — दक्षिण अफ्रीका में पहली बार प्रयुक्त, फिर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (चंपारण, खेड़ा, असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो) की केंद्रीय पद्धति।1917 Onward (Champaran Satyagraha)
सत्यशोधक समाज
Satyashodhak Samaj
ज्योतिराव फुले द्वारा 1873 में स्थापित सामाजिक सुधार संगठन, जिसका उद्देश्य निम्न जातियों, महिलाओं और शूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व के विरुद्ध सशक्त बनाना था।Modern India (1873)
आत्म-सम्मान आंदोलन
Self-Respect Movement
पेरियार ई.वी. रामास्वामी द्वारा 1925 में तमिलनाडु में आरंभ किया गया जाति-विरोधी सामाजिक आंदोलन, जो समान अधिकारों और बुद्धिवाद का समर्थन करता था।Modern South India (1925)
भारत सेवक समाज
Servants of India Society
गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा 1905 में स्थापित एक संगठन, जिसने अपने सदस्यों को शिक्षा, सामाजिक सुधार व संवैधानिक राजनीतिक कार्य के माध्यम से अपना जीवन राष्ट्र-सेवा हेतु समर्पित करने का प्रशिक्षण दिया — गांधीजी ने स्वयं गोखले को अपना राजनीतिक गुरु माना।Founded 1905
साइमन कमीशन
Simon Commission
भारत में संवैधानिक सुधार की समीक्षा हेतु गठित 1927 का एक ब्रिटिश आयोग, जिसका अधिकांश भारतीय राजनीतिक दलों ने बहिष्कार किया क्योंकि इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था — इसके आगमन पर 'साइमन गो बैक' के नारे के साथ व्यापक प्रदर्शन हुए।1927–1928
समाजवाद
Socialism
राजनीतिक-आर्थिक विचारधारा जो असमानता कम करने हेतु उत्पादन और संसाधन वितरण के सामूहिक/राजकीय स्वामित्व की वकालत करती है — भारतीय आर्थिक नीति के औपचारिक लक्ष्य के रूप में अपनाई गई ("समाजवादी समाज का स्वरूप", आवाडी अधिवेशन 1955), बाद में संविधान की प्रस्तावना (42वां संशोधन, 1976) में लिखी गई।1950s Onward
राज्य पुनर्गठन आयोग
States Reorganization Commission
1953 में नियुक्त निकाय — फ़ज़ल अली, एच.एन. कुंज़रू, के.एम. पणिक्कर — जिसने भाषाई आधार पर भारतीय राज्यों की सीमाओं के पुनर्गठन की सिफ़ारिश की।Post-Independence Consolidation
सहायक संधि प्रणाली
Subsidiary Alliance
लॉर्ड वेलेज़्ली द्वारा प्रयुक्त कूटनीतिक व्यवस्था, जिसमें भारतीय शासकों को ब्रिटिश सेना बनाए रखने, सहायता-राशि चुकाने और एक ब्रिटिश रेज़िडेंट स्वीकार करने की बाध्यता थी।British Expansion
सूर्यास्त क़ानून
Sunset Law
स्थायी बंदोबस्त का एक प्रावधान, जिसके अनुसार यदि कोई ज़मींदार निर्धारित तिथि के सूर्यास्त तक भू-राजस्व जमा करने में विफल रहता, तो उसकी सम्पदा नीलाम कर दी जाती थी।Colonial Economy
सूरत विभाजन 1907
Surat Split 1907
1907 के सूरत अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का उदारवादी व उग्रवादी गुटों में औपचारिक विभाजन, जो तरीक़ों (संवैधानिक याचिका बनाम सीधी जन-कार्रवाई) को लेकर बढ़ते तनाव के वर्षों के बाद हुआ — दोनों गुट बाद में 1916 के लखनऊ अधिवेशन में पुनः एकजुट हुए।1907
स्वदेशी
Swadeshi
राष्ट्रवादी अभियान, जिसने विदेशी वस्तुओं को अस्वीकार करते हुए स्वदेशी उद्योग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया, जो 1905 के बंगाल-विभाजन से प्रेरित था।National Movement (1905)
मद्य-निषेध आंदोलन
Temperance Movement
शराब से परहेज़ की वक़ालत करने वाला एक सामाजिक सुधार अभियान, जिसे राष्ट्रवादी नेताओं (गांधीजी सहित) ने भी विरोध के एक रूप के रूप में अपनाया, व्यापक सविनय अवज्ञा आंदोलन के हिस्से के रूप में शराब की दुकानों पर धरना देकर औपनिवेशिक आबकारी राजस्व को नुक़सान पहुँचाने हेतु।Prominent from the 1920s–30s
थियोसॉफ़िकल सोसाइटी (ब्रह्मविद्या समाज)
Theosophical Society
1875 में अमेरिका में स्थापित एक आध्यात्मिक संगठन, जिसका बाद में मुख्यालय भारत (अड्यार, मद्रास) में एनी बेसेंट के नेतृत्व में बना, जिसने हिंदू व बौद्ध दर्शन के अध्ययन को बढ़ावा दिया और बाद में होम रूल आंदोलन के माध्यम से भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन का सक्रिय समर्थन किया।Founded 1875, active in India from 1880s
उपयोगितावाद
Utilitarianism
यह दर्शन (जेरेमी बेंथम और जेम्स मिल से संबद्ध) कि नीति को "अधिकतम लोगों का अधिकतम हित" बढ़ाना चाहिए — बेंटिंक जैसे 19वीं सदी के ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासकों को प्रभावित करते हुए, ब्रिटिश भारत में कानून, शिक्षा और प्रशासन में सुधारों को आकार दिया।Early-Mid 19th Century
वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट, 1878
Vernacular Press Act (1878)
लॉर्ड लिटन के अधीन पारित प्रतिबंधात्मक प्रेस-विधान, जिसने ग़ैर-अंग्रेज़ी समाचार-पत्रों की स्वतंत्रता को सीमित किया, जिसे बाद में लॉर्ड रिपन ने निरस्त कर दिया।Modern History (1878)
वहाबी आंदोलन
Wahabi Movement
भारत में 19वीं सदी का एक इस्लामी पुनरुत्थानवादी व ब्रिटिश-विरोधी आंदोलन, जो सैयद अहमद बरेलवी जैसे व्यक्तित्वों के नेतृत्व में सुधारवादी विचारों से प्रेरित था, जिसने धार्मिक सुधार को ब्रिटिश शासन के प्रति सक्रिय, कभी-कभी सशस्त्र प्रतिरोध के साथ जोड़ा, विशेषतः उत्तर-पश्चिम सीमांत पर।c. 1820s–1870s
विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856
Widow Remarriage Act 1856
हिंदू विधवाओं के पुनर्विवाह को वैध बनाने वाला विधान, जो मुख्यतः समाज-सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से पारित हुआ, और विधवा पुनर्विवाह के प्रति प्रचलित सामाजिक कलंक को चुनौती दिया।1856
वुड्स डिस्पैच, 1854
Wood's Despatch (1854)
चार्ल्स वुड द्वारा जारी भारतीय शिक्षा संबंधी मूलभूत दस्तावेज़, जिसने मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा और अंग्रेज़ी में उच्च शिक्षा की सिफ़ारिश की।Educational History (1854)
यंग बंगाल आंदोलन
Young Bengal Movement
हेनरी लुई विवियन डेरोज़ियो के नेतृत्व में 1820 के दशक का एक क्रांतिकारी बौद्धिक आंदोलन, जिसने स्वतंत्र चिंतन, बुद्धिवाद और सामाजिक सुधार का समर्थन किया।Modern India (1820s)

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