इस विषय में 53 शब्द — यूजीसी नेट इतिहास (कोड 06) की परीक्षा-दृष्टि से तैयार।
| शब्द | अर्थ | काल / संदर्भ |
|---|---|---|
| अभय मुद्रा Abhaya Mudra | भारतीय कला में एक पवित्र हस्त-मुद्रा, जो आश्वासन, सुरक्षा और भय से मुक्ति का प्रतीक है — दाहिनी हथेली को बाहर की ओर उठाकर दर्शाई जाती है। | Buddhist / Hindu / Jain Iconography |
| आमलक Amalaka | नागर शैली के मंदिर के मुख्य शिखर के शीर्ष पर स्थित एक पसलीदार पाषाण चक्र, जो पवित्र कलश को आधार देता है। | Nagara Temple Architecture |
| अमरावती शैली Amaravati School | कृष्णा-गुंटूर घाटी में प्राचीन बौद्ध कला की एक क्षेत्रीय शैली, जो श्वेत संगमरमर की उभरी हुई शिल्पकृतियों और कथात्मक फलकों के लिए जानी जाती है। | Satavahana & Ikshvaku Periods |
| अंतराल Antarala | मंदिर के मुख्य गर्भगृह को स्तंभयुक्त सभागार (मण्डप) से जोड़ने वाला एक छोटा संक्रमणकालीन अंतरकक्ष। | Temple Architecture |
| अरबेस्क Arabesque | लयबद्ध रैखिक पैटर्न, लताओं और ज्यामितीय अभिकल्पों पर आधारित एक सज्जात्मक कला-शैली, जो सतह-अलंकरण के रूप में प्रयुक्त होती है। | Indo-Islamic Architecture |
| बणी-ठणी Bani Thani | निहाल चंद द्वारा रचित किशनगढ़ शैली की एक प्रसिद्ध लघुचित्र-कृति, जिसमें एक स्त्री को दीर्घ मुख-रेखाओं के साथ चित्रित किया गया है, विष्णुप्रिया से प्रेरित होकर। | Rajput Painting (Kishangarh) |
| बसोहली शैली Basohli School | पहाड़ी चित्रकला की सबसे प्राचीन शैली, जो प्रबल प्राथमिक रंगों, तीव्र भाव-अभिव्यक्ति और भृंग-पंखी पन्नी के प्रयोग की विशेषता रखती है। | Pahari Painting |
| भरतनाट्यम Bharatanatyam | तमिलनाडु में उत्पन्न एक शास्त्रीय नृत्य-शैली, जो परंपरागत रूप से मंदिर परिसरों में देवदासियों द्वारा प्रस्तुत की जाती थी, और नाट्यशास्त्र में दस्तावेज़ीकृत है। | Classical Performing Arts |
| भूमिस्पर्श मुद्रा Bhumisparsha Mudra | बुद्ध की पृथ्वी-स्पर्श मुद्रा, जिसमें बोधगया में उनके बोधि-प्राप्ति की साक्षी हेतु पृथ्वी-देवी का आह्वान किया गया है। | Buddhist Iconography |
| सुलेखन कला Calligraphy | सज्जात्मक हस्तलेखन और क़ुरआनिक शिलालेखों की कला, जो इंडो-इस्लामिक भवनों के वास्तुशिल्पीय अग्रभागों में समाहित की जाती थी। | Indo-Islamic & Mughal |
| चैत्य Chaitya | एक बौद्ध पूजा-हॉल अथवा मंदिर, जिसमें प्रवेश-द्वार के विपरीत छोर पर एक गोलाकार कक्ष होता है, जिसमें एक पवित्र स्तूप स्थित होता है। | Buddhist Architecture |
| चारबाग Charbagh | एक फ़ारसी शैली का चतुर्भुजाकार उद्यान-अभिकल्प, जो प्रतिच्छेदी जल-नालियों द्वारा चार भागों में विभाजित होता है, जिसे मुगलों ने लोकप्रिय बनाया। | Mughal Architecture |
| चौरपंचाशिका शैली Chaurapanchasika Style | भारतीय लघुचित्रकला की एक पूर्व-मुगल स्वदेशी शैली, जो कोणीय आकृतियों और सजीव प्राथमिक रंगों की विशेषता रखती है। | Early Indian Painting |
| छत्री Chhatri | गुंबदाकार, ऊँचाई पर स्थित मंडप, जो भारतीय एवं इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में वास्तुशिल्पीय तत्व अथवा स्मारकीय समाधि के रूप में प्रयुक्त होते हैं। | Indo-Islamic & Rajput |
| धर्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा Dharmachakra Pravartana Mudra | धर्म-चक्र को गति में स्थापित करने की प्रतीकात्मक मुद्रा, जो सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का प्रतीक है। | Buddhist Iconography |
| ध्यान मुद्रा Dhyana Mudra | गहन चिंतन का प्रतीक ध्यान-मुद्रा, जिसमें दोनों हाथ गोद में इस प्रकार रखे जाते हैं कि दायाँ हथेली बाएँ के ऊपर स्थित हो। | Buddhist / Jain Iconography |
| द्रविड़ शैली Dravida Style | दक्षिण भारतीय मंदिर-वास्तुकला की शैली, जिसकी विशेषता पिरामिडाकार विमान-मीनारें, परिसर-दीवारें और विशाल प्रवेश-द्वार (गोपुरम) हैं। | South Indian Temple Architecture |
| गांधार शैली Gandhara School | उत्तर-पश्चिम भारत में विकसित ग्रीको-बौद्ध कला-शैली, जो बौद्ध शिल्पकला में यथार्थवादी शारीरिक अनुपात और भारी वस्त्र-विन्यास की विशेषता रखती है। | Post-Mauryan / Kushana |
| गर्भगृह Garbhagriha | हिंदू मंदिर का सबसे भीतरी गर्भगृह अथवा गर्भ-कक्ष, जिसमें मुख्य देवता की प्रतिमा अथवा लिंग स्थापित होता है। | Hindu Temple Architecture |
| गोपुरम Gopuram | द्रविड़ मंदिर परिसरों की सीमा पर स्थित एक स्मारकीय प्रवेश-द्वार मीनार, जो शिल्प-राहतों से अलंकृत होती है। | Dravida Temple Architecture |
| हर्मिका Harmika | बौद्ध स्तूप के गुंबद के शीर्ष पर स्थित एक चौकोर वेदिका, जो छत्र हेतु एक पवित्र पीठिका को घेरती है। | Buddhist Stupa Architecture |
| जगती Jagati | एक उन्नत पाषाण मंच अथवा वेदी, जिस पर मंदिर परिसर निर्मित होता है, जो एक खुले परिक्रमा-पथ के रूप में भी कार्य करता है। | Temple Architecture |
| जाली Jali | ज्यामितीय अथवा पुष्प-पैटर्न वाली एक छिद्रित पाषाण अथवा जालीदार स्क्रीन, जो इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में हवादारी और गोपनीयता हेतु प्रयुक्त होती है। | Indo-Islamic & Mughal |
| कलश Kalasha | नागर मंदिर के आमलक के शीर्ष पर स्थापित एक धातु अथवा पाषाण-निर्मित शिखर-कलश। | Nagara Temple Architecture |
| कांगड़ा शैली Kangra School | पहाड़ी चित्रकला की सबसे प्रसिद्ध शैली, जो सूक्ष्म भावपूर्ण रेखाओं, प्रकृति-चित्रण और राधा-कृष्ण विषयों हेतु प्रसिद्ध है। | Pahari Painting |
| कथक Kathak | उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य-रूप, जो जटिल पद-संचालन, तीव्र चक्करों और कथा-वाचन परंपराओं की विशेषता रखता है। | Performing Arts |
| कथकली Kathakali | केरल में उत्पन्न एक शास्त्रीय नृत्य-नाटिका, जो अपने विस्तृत मुख-श्रृंगार, नाटकीय वेशभूषा और सजीव मुख-भावों के लिए उल्लेखनीय है। | Classical Performing Arts |
| कीर्तिमुख Kirtimukha | 'गौरव-मुख' नामक एक शैलीकृत राक्षस-मुखौटा प्रतीक, जो अनिष्ट को दूर रखने हेतु मंदिर के द्वारों और आलों के ऊपर स्थापित किया जाता है। | Temple Architecture |
| किशनगढ़ शैली Kishangarh School | अठारहवीं शताब्दी की एक राजपूत चित्रकला-शैली, जो दिव्य प्रेम के आदर्शीकरण और बणी-ठणी जैसी कालजयी कृतियों के सृजन हेतु प्रसिद्ध है। | Rajput Painting |
| मण्डप Mandapa | हिंदू मंदिर-वास्तुकला में गर्भगृह से पूर्व स्थित एक स्तंभयुक्त खुला हॉल अथवा मंडप, जो सार्वजनिक अनुष्ठानों और सभाओं हेतु प्रयुक्त होता है। | Temple Architecture |
| मथुरा शैली Mathura School | लाल-चित्तीदार बलुआ पत्थर का उपयोग करने वाली प्राचीन भारतीय शिल्पकला की एक स्वदेशी शैली, जिसने प्रारंभिक खड़ी बुद्ध-प्रतिमाओं और लौकिक कला का निर्माण किया। | Post-Mauryan / Kushana |
| मिथुन Mithuna | प्राचीन मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण प्रणय-रत युगलों अथवा शृंगारिक जोड़ों का शिल्पांकन, जो उर्वरता और शुभता के प्रतीक के रूप में उकेरे जाते थे। | Sculpture / Temple Art |
| मुगल लघुचित्रकला Mughal Miniature | फ़ारसी, भारतीय और यूरोपीय प्रभावों के मिश्रण वाली भारतीय दरबारी चित्रकला की एक विशिष्ट शैली, जो पांडुलिपियों और मुरक्कों हेतु काग़ज़ पर निष्पादित की जाती थी। | Mughal Culture |
| मुरक्का Murakka | मुगल संरक्षकों हेतु संकलित बद्ध लघुचित्रों, सुलेखन-नमूनों और अलंकृत हाशियों से युक्त एक चित्र-संग्रह। | Mughal Art |
| नागर शैली Nagara Style | उत्तर भारतीय मंदिर-वास्तुकला की शैली, जिसकी विशेषता गर्भगृह के ऊपर एक वक्ररेखीय, मधुमक्खी-छत्ते-आकार का शिखर है। | North Indian Temple Architecture |
| नटराज Nataraja | भगवान शिव की कॉस्मिक नर्तक के रूप में प्रतिष्ठित कांस्य प्रतीकात्मक प्रतिमा, जिसे चोल राजवंश में पूर्णता प्राप्त हुई। | Chola Bronzes / Sculpture |
| पंचायतन Panchayatan | एक मंदिर-अभिन्यास शैली, जिसमें मुख्य मंदिर के चारों कोनों पर चार सहायक मंदिर स्थापित होते हैं। | Temple Architecture |
| पिएत्रा दुरा (पच्चीकारी) Pietra Dura | एक वास्तुशिल्पीय जड़ाई तकनीक, जिसमें संगमरमर की दीवारों पर पुष्प-पैटर्न बनाने हेतु काटे और फिट किए गए रंगीन पॉलिश पत्थरों का प्रयोग होता है। | Mughal Architecture |
| प्रदक्षिणापथ Pradakshinapatha | एक स्तूप अथवा पवित्र मंदिर-गर्भगृह के चारों ओर अनुष्ठानिक परिक्रमा हेतु बना एक परिक्रमा-मार्ग अथवा उन्नत पथ। | Temple & Stupa Architecture |
| रेखाप्रासाद Rekhaprasada | नागर मंदिर-शिखर का एक प्रकार, जिसमें एक वर्गाकार आधार और शीर्ष की ओर भीतर की ओर मुड़ी हुई दीवारों वाला वक्ररेखीय शिखर होता है। | Nagara Temple Architecture |
| सारनाथ शैली Sarnath School | गुप्तकालीन शिल्प-शैली, जो बुद्ध प्रतिमाओं में सहज रूपाकार, परिष्कृत वस्त्र-विन्यास और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती है। | Gupta Period |
| सत्रिया Sattriya | श्रीमंत शंकरदेव द्वारा पंद्रहवीं शताब्दी में असम के नव-वैष्णव आंदोलन के भाग के रूप में सृजित एक शास्त्रीय नृत्य-शैली। | Classical Performing Arts |
| शिखर Shikhara | उत्तर भारतीय नागर मंदिर-वास्तुकला में गर्भगृह के ऊपर उठता हुआ मीनार अथवा शिखर। | Nagara Temple Architecture |
| स्क्विंच Squinch | एक वर्गाकार कक्ष के ऊपरी कोनों में बना एक वास्तुशिल्पीय मेहराब अथवा राजगीरी, जो उसके ऊपर एक वृत्ताकार गुंबद को सहारा देती है। | Indo-Islamic Architecture |
| स्तूप Stupa | बुद्ध अथवा बौद्ध संतों के अवशेष धारण करने वाला एक अर्ध-गोलाकार समाधि-टीला, जो पूजा का केंद्र-बिंदु बनता है। | Buddhist Architecture |
| तोरण Torana | एक बौद्ध स्तूप अथवा हिंदू मंदिर परिसर के प्रवेश-द्वार पर स्थित एक अलंकृत, उत्कीर्ण प्रवेश-मेहराब। | Temple & Stupa Architecture |
| त्रिभंग Tribhanga | भारतीय शास्त्रीय शिल्पकला और नृत्य में एक त्रि-वक्र शारीरिक मुद्रा, जिसमें शरीर गर्दन, कमर और घुटने पर मुड़ता है। | Classical Dance & Sculpture |
| सत्य मेहराब True Arch | एक केंद्रीय कीस्टोन से त्रिज्यीय रूप से निकलते हुए पच्चर-आकार के पत्थरों (वूसुआर) से निर्मित मेहराब, जिसे मुसलमानों ने व्यवस्थित रूप से प्रचलित किया। | Indo-Islamic Architecture |
| वरद मुद्रा Varada Mudra | भारतीय प्रतीक-विधान में दान, वरदान और कृपा का प्रतीक एक हस्त-मुद्रा, जो हथेली को नीचे की ओर करके दर्शाई जाती है। | Buddhist / Hindu Iconography |
| वेदिका Vedika | एक पवित्र बौद्ध स्तूप अथवा पवित्र वृक्ष-परिसर को घेरने वाली एक सुरक्षात्मक पाषाण अथवा काष्ठ रेलिंग। | Buddhist Architecture |
| वेसर शैली Vesara Style | नागर और द्रविड़ शैलियों की विशेषताओं को संयुक्त करने वाली एक मिश्रित मंदिर-वास्तुकला शैली, जिसका विकास चालुक्यों और होयसलों के अधीन हुआ। | Deccan Temple Architecture |
| विहार Vihara | एक बौद्ध मठ-परिसर, जो नियुक्त भिक्षुओं हेतु आवासीय कक्ष और अध्ययन-कक्ष उपलब्ध कराता है। | Buddhist Architecture |
| विमान Vimana | दक्षिण भारतीय द्रविड़ मंदिरों में गर्भगृह के ऊपर निर्मित बहु-स्तरीय पिरामिडाकार मीनार-संरचना। | Dravida Temple Architecture |
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Itihaaskar — UGC NET/JRF & UPSC History Optional notes by Parveen Malik (B.Tech. (CSE), M.A. (History), History JRF). Also spelt Itihaskar.