इस विषय में 57 शब्द — यूजीसी नेट इतिहास (कोड 06) की परीक्षा-दृष्टि से तैयार।
| शब्द | अर्थ | काल / संदर्भ |
|---|---|---|
| अभय मुद्रा Abhaya Mudra | भारतीय कला में एक पवित्र हस्त-मुद्रा, जो आश्वासन, सुरक्षा और भय से मुक्ति का प्रतीक है — दाहिनी हथेली को बाहर की ओर उठाकर दर्शाई जाती है। | Buddhist / Hindu / Jain Iconography |
| अलवार Alvars | प्रारंभिक मध्यकालीन दक्षिण भारत के तमिल वैष्णव भक्ति संत-कवि (परंपरागत रूप से बारह), जिनके विष्णु भक्ति स्तोत्र नालायिरा दिव्य प्रबंधम में संकलित हैं और दक्षिण भारतीय भक्ति आंदोलन के मूल ग्रंथ हैं। | c. 6th–9th Century CE, South India |
| आमलक Amalaka | नागर शैली के मंदिर के मुख्य शिखर के शीर्ष पर स्थित एक पसलीदार पाषाण चक्र, जो पवित्र कलश को आधार देता है। | Nagara Temple Architecture |
| अमरावती शैली Amaravati School | कृष्णा-गुंटूर घाटी में प्राचीन बौद्ध कला की एक क्षेत्रीय शैली, जो श्वेत संगमरमर की उभरी हुई शिल्पकृतियों और कथात्मक फलकों के लिए जानी जाती है। | Satavahana & Ikshvaku Periods |
| अंतराल Antarala | मंदिर के मुख्य गर्भगृह को स्तंभयुक्त सभागार (मण्डप) से जोड़ने वाला एक छोटा संक्रमणकालीन अंतरकक्ष। | Temple Architecture |
| अरबेस्क Arabesque | लयबद्ध रैखिक पैटर्न, लताओं और ज्यामितीय अभिकल्पों पर आधारित एक सज्जात्मक कला-शैली, जो सतह-अलंकरण के रूप में प्रयुक्त होती है। | Indo-Islamic Architecture |
| बणी-ठणी Bani Thani | निहाल चंद द्वारा रचित किशनगढ़ शैली की एक प्रसिद्ध लघुचित्र-कृति, जिसमें एक स्त्री को दीर्घ मुख-रेखाओं के साथ चित्रित किया गया है, विष्णुप्रिया से प्रेरित होकर। | Rajput Painting (Kishangarh) |
| बसोहली शैली Basohli School | पहाड़ी चित्रकला की सबसे प्राचीन शैली, जो प्रबल प्राथमिक रंगों, तीव्र भाव-अभिव्यक्ति और भृंग-पंखी पन्नी के प्रयोग की विशेषता रखती है। | Pahari Painting |
| भरतनाट्यम Bharatanatyam | तमिलनाडु में उत्पन्न एक शास्त्रीय नृत्य-शैली, जो परंपरागत रूप से मंदिर परिसरों में देवदासियों द्वारा प्रस्तुत की जाती थी, और नाट्यशास्त्र में दस्तावेज़ीकृत है। | Classical Performing Arts |
| भूमिस्पर्श मुद्रा Bhumisparsha Mudra | बुद्ध की पृथ्वी-स्पर्श मुद्रा, जिसमें बोधगया में उनके बोधि-प्राप्ति की साक्षी हेतु पृथ्वी-देवी का आह्वान किया गया है। | Buddhist Iconography |
| बोधिसत्त्व Bodhisattva | महायान बौद्ध धर्म में, वह प्राणी जिसने निर्वाण प्राप्ति की योग्यता अर्जित कर ली है परंतु करुणावश स्वेच्छा से इसे स्थगित कर, अन्य प्राणियों की मुक्ति में सहायता हेतु संसार में बना रहता है। | Mahayana Buddhism (Kushana Period Onward) |
| सुलेखन कला Calligraphy | सज्जात्मक हस्तलेखन और क़ुरआनिक शिलालेखों की कला, जो इंडो-इस्लामिक भवनों के वास्तुशिल्पीय अग्रभागों में समाहित की जाती थी। | Indo-Islamic & Mughal |
| चैत्य Chaitya | एक बौद्ध पूजा-हॉल अथवा मंदिर, जिसमें प्रवेश-द्वार के विपरीत छोर पर एक गोलाकार कक्ष होता है, जिसमें एक पवित्र स्तूप स्थित होता है। | Buddhist Architecture |
| चारबाग Charbagh | एक फ़ारसी शैली का चतुर्भुजाकार उद्यान-अभिकल्प, जो प्रतिच्छेदी जल-नालियों द्वारा चार भागों में विभाजित होता है, जिसे मुगलों ने लोकप्रिय बनाया। | Mughal Architecture |
| चौरपंचाशिका शैली Chaurapanchasika Style | भारतीय लघुचित्रकला की एक पूर्व-मुगल स्वदेशी शैली, जो कोणीय आकृतियों और सजीव प्राथमिक रंगों की विशेषता रखती है। | Early Indian Painting |
| छत्री Chhatri | गुंबदाकार, ऊँचाई पर स्थित मंडप, जो भारतीय एवं इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में वास्तुशिल्पीय तत्व अथवा स्मारकीय समाधि के रूप में प्रयुक्त होते हैं। | Indo-Islamic & Rajput |
| धर्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा Dharmachakra Pravartana Mudra | धर्म-चक्र को गति में स्थापित करने की प्रतीकात्मक मुद्रा, जो सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का प्रतीक है। | Buddhist Iconography |
| ध्यान मुद्रा Dhyana Mudra | गहन चिंतन का प्रतीक ध्यान-मुद्रा, जिसमें दोनों हाथ गोद में इस प्रकार रखे जाते हैं कि दायाँ हथेली बाएँ के ऊपर स्थित हो। | Buddhist / Jain Iconography |
| द्रविड़ शैली Dravida Style | दक्षिण भारतीय मंदिर-वास्तुकला की शैली, जिसकी विशेषता पिरामिडाकार विमान-मीनारें, परिसर-दीवारें और विशाल प्रवेश-द्वार (गोपुरम) हैं। | South Indian Temple Architecture |
| गांधार शैली Gandhara School | उत्तर-पश्चिम भारत में विकसित ग्रीको-बौद्ध कला-शैली, जो बौद्ध शिल्पकला में यथार्थवादी शारीरिक अनुपात और भारी वस्त्र-विन्यास की विशेषता रखती है। | Post-Mauryan / Kushana |
| गर्भगृह Garbhagriha | हिंदू मंदिर का सबसे भीतरी गर्भगृह अथवा गर्भ-कक्ष, जिसमें मुख्य देवता की प्रतिमा अथवा लिंग स्थापित होता है। | Hindu Temple Architecture |
| गोपुरम Gopuram | द्रविड़ मंदिर परिसरों की सीमा पर स्थित एक स्मारकीय प्रवेश-द्वार मीनार, जो शिल्प-राहतों से अलंकृत होती है। | Dravida Temple Architecture |
| हर्मिका Harmika | बौद्ध स्तूप के गुंबद के शीर्ष पर स्थित एक चौकोर वेदिका, जो छत्र हेतु एक पवित्र पीठिका को घेरती है। | Buddhist Stupa Architecture |
| जगती Jagati | एक उन्नत पाषाण मंच अथवा वेदी, जिस पर मंदिर परिसर निर्मित होता है, जो एक खुले परिक्रमा-पथ के रूप में भी कार्य करता है। | Temple Architecture |
| जाली Jali | ज्यामितीय अथवा पुष्प-पैटर्न वाली एक छिद्रित पाषाण अथवा जालीदार स्क्रीन, जो इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में हवादारी और गोपनीयता हेतु प्रयुक्त होती है। | Indo-Islamic & Mughal |
| कलश Kalasha | नागर मंदिर के आमलक के शीर्ष पर स्थापित एक धातु अथवा पाषाण-निर्मित शिखर-कलश। | Nagara Temple Architecture |
| कांगड़ा शैली Kangra School | पहाड़ी चित्रकला की सबसे प्रसिद्ध शैली, जो सूक्ष्म भावपूर्ण रेखाओं, प्रकृति-चित्रण और राधा-कृष्ण विषयों हेतु प्रसिद्ध है। | Pahari Painting |
| कथक Kathak | उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य-रूप, जो जटिल पद-संचालन, तीव्र चक्करों और कथा-वाचन परंपराओं की विशेषता रखता है। | Performing Arts |
| कथकली Kathakali | केरल में उत्पन्न एक शास्त्रीय नृत्य-नाटिका, जो अपने विस्तृत मुख-श्रृंगार, नाटकीय वेशभूषा और सजीव मुख-भावों के लिए उल्लेखनीय है। | Classical Performing Arts |
| कीर्तिमुख Kirtimukha | 'गौरव-मुख' नामक एक शैलीकृत राक्षस-मुखौटा प्रतीक, जो अनिष्ट को दूर रखने हेतु मंदिर के द्वारों और आलों के ऊपर स्थापित किया जाता है। | Temple Architecture |
| किशनगढ़ शैली Kishangarh School | अठारहवीं शताब्दी की एक राजपूत चित्रकला-शैली, जो दिव्य प्रेम के आदर्शीकरण और बणी-ठणी जैसी कालजयी कृतियों के सृजन हेतु प्रसिद्ध है। | Rajput Painting |
| मण्डप Mandapa | हिंदू मंदिर-वास्तुकला में गर्भगृह से पूर्व स्थित एक स्तंभयुक्त खुला हॉल अथवा मंडप, जो सार्वजनिक अनुष्ठानों और सभाओं हेतु प्रयुक्त होता है। | Temple Architecture |
| मथुरा शैली Mathura School | लाल-चित्तीदार बलुआ पत्थर का उपयोग करने वाली प्राचीन भारतीय शिल्पकला की एक स्वदेशी शैली, जिसने प्रारंभिक खड़ी बुद्ध-प्रतिमाओं और लौकिक कला का निर्माण किया। | Post-Mauryan / Kushana |
| मिथुन Mithuna | प्राचीन मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण प्रणय-रत युगलों अथवा शृंगारिक जोड़ों का शिल्पांकन, जो उर्वरता और शुभता के प्रतीक के रूप में उकेरे जाते थे। | Sculpture / Temple Art |
| मुगल लघुचित्रकला Mughal Miniature | फ़ारसी, भारतीय और यूरोपीय प्रभावों के मिश्रण वाली भारतीय दरबारी चित्रकला की एक विशिष्ट शैली, जो पांडुलिपियों और मुरक्कों हेतु काग़ज़ पर निष्पादित की जाती थी। | Mughal Culture |
| मुरक्का Murakka | मुगल संरक्षकों हेतु संकलित बद्ध लघुचित्रों, सुलेखन-नमूनों और अलंकृत हाशियों से युक्त एक चित्र-संग्रह। | Mughal Art |
| नागर शैली Nagara Style | उत्तर भारतीय मंदिर-वास्तुकला की शैली, जिसकी विशेषता गर्भगृह के ऊपर एक वक्ररेखीय, मधुमक्खी-छत्ते-आकार का शिखर है। | North Indian Temple Architecture |
| नटराज Nataraja | भगवान शिव की कॉस्मिक नर्तक के रूप में प्रतिष्ठित कांस्य प्रतीकात्मक प्रतिमा, जिसे चोल राजवंश में पूर्णता प्राप्त हुई। | Chola Bronzes / Sculpture |
| नयनार Nayanars | प्रारंभिक मध्यकालीन दक्षिण भारत के तमिल शैव भक्ति संत-कवि (परंपरागत रूप से तिरेसठ), जिनके शिव भक्ति स्तोत्र तेवारम और तिरुमुरै में संकलित हैं, अलवारों की वैष्णव परंपरा के समानांतर। | c. 6th–9th Century CE, South India |
| पंचायतन Panchayatan | एक मंदिर-अभिन्यास शैली, जिसमें मुख्य मंदिर के चारों कोनों पर चार सहायक मंदिर स्थापित होते हैं। | Temple Architecture |
| पिएत्रा दुरा (पच्चीकारी) Pietra Dura | एक वास्तुशिल्पीय जड़ाई तकनीक, जिसमें संगमरमर की दीवारों पर पुष्प-पैटर्न बनाने हेतु काटे और फिट किए गए रंगीन पॉलिश पत्थरों का प्रयोग होता है। | Mughal Architecture |
| प्रदक्षिणापथ Pradakshinapatha | एक स्तूप अथवा पवित्र मंदिर-गर्भगृह के चारों ओर अनुष्ठानिक परिक्रमा हेतु बना एक परिक्रमा-मार्ग अथवा उन्नत पथ। | Temple & Stupa Architecture |
| रेखाप्रासाद Rekhaprasada | नागर मंदिर-शिखर का एक प्रकार, जिसमें एक वर्गाकार आधार और शीर्ष की ओर भीतर की ओर मुड़ी हुई दीवारों वाला वक्ररेखीय शिखर होता है। | Nagara Temple Architecture |
| सारनाथ शैली Sarnath School | गुप्तकालीन शिल्प-शैली, जो बुद्ध प्रतिमाओं में सहज रूपाकार, परिष्कृत वस्त्र-विन्यास और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति के लिए जानी जाती है। | Gupta Period |
| सत्रिया Sattriya | श्रीमंत शंकरदेव द्वारा पंद्रहवीं शताब्दी में असम के नव-वैष्णव आंदोलन के भाग के रूप में सृजित एक शास्त्रीय नृत्य-शैली। | Classical Performing Arts |
| शिखर Shikhara | उत्तर भारतीय नागर मंदिर-वास्तुकला में गर्भगृह के ऊपर उठता हुआ मीनार अथवा शिखर। | Nagara Temple Architecture |
| स्क्विंच Squinch | एक वर्गाकार कक्ष के ऊपरी कोनों में बना एक वास्तुशिल्पीय मेहराब अथवा राजगीरी, जो उसके ऊपर एक वृत्ताकार गुंबद को सहारा देती है। | Indo-Islamic Architecture |
| स्तूप Stupa | बुद्ध अथवा बौद्ध संतों के अवशेष धारण करने वाला एक अर्ध-गोलाकार समाधि-टीला, जो पूजा का केंद्र-बिंदु बनता है। | Buddhist Architecture |
| तीर्थंकर Tirthankara | जैन धर्म में, चौबीस "तीर्थ-निर्माताओं" या आध्यात्मिक गुरुओं में से एक, जिन्होंने पुनर्जन्म के चक्र को पार कर लिया और अनुयायियों हेतु जैन धर्म का मार्ग दिखाया — ऋषभनाथ प्रथम और महावीर चौबीसवें तथा अंतिम तीर्थंकर हैं। | Jainism (traditional; Mahavira c. 6th Century BCE) |
| तोरण Torana | एक बौद्ध स्तूप अथवा हिंदू मंदिर परिसर के प्रवेश-द्वार पर स्थित एक अलंकृत, उत्कीर्ण प्रवेश-मेहराब। | Temple & Stupa Architecture |
| त्रिभंग Tribhanga | भारतीय शास्त्रीय शिल्पकला और नृत्य में एक त्रि-वक्र शारीरिक मुद्रा, जिसमें शरीर गर्दन, कमर और घुटने पर मुड़ता है। | Classical Dance & Sculpture |
| सत्य मेहराब True Arch | एक केंद्रीय कीस्टोन से त्रिज्यीय रूप से निकलते हुए पच्चर-आकार के पत्थरों (वूसुआर) से निर्मित मेहराब, जिसे मुसलमानों ने व्यवस्थित रूप से प्रचलित किया। | Indo-Islamic Architecture |
| वरद मुद्रा Varada Mudra | भारतीय प्रतीक-विधान में दान, वरदान और कृपा का प्रतीक एक हस्त-मुद्रा, जो हथेली को नीचे की ओर करके दर्शाई जाती है। | Buddhist / Hindu Iconography |
| वेदिका Vedika | एक पवित्र बौद्ध स्तूप अथवा पवित्र वृक्ष-परिसर को घेरने वाली एक सुरक्षात्मक पाषाण अथवा काष्ठ रेलिंग। | Buddhist Architecture |
| वेसर शैली Vesara Style | नागर और द्रविड़ शैलियों की विशेषताओं को संयुक्त करने वाली एक मिश्रित मंदिर-वास्तुकला शैली, जिसका विकास चालुक्यों और होयसलों के अधीन हुआ। | Deccan Temple Architecture |
| विहार Vihara | एक बौद्ध मठ-परिसर, जो नियुक्त भिक्षुओं हेतु आवासीय कक्ष और अध्ययन-कक्ष उपलब्ध कराता है। | Buddhist Architecture |
| विमान Vimana | दक्षिण भारतीय द्रविड़ मंदिरों में गर्भगृह के ऊपर निर्मित बहु-स्तरीय पिरामिडाकार मीनार-संरचना। | Dravida Temple Architecture |
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Itihaaskar — UGC NET/JRF & UPSC History Optional notes by Parveen Malik (B.Tech. (CSE), M.A. (History), History JRF). Also spelt Itihaskar.