UGC NET इतिहास पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र (पेपर 2)
UGC NET इतिहास के पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र, पेपर 2 (कोड 06), 2010 से अब तक, वर्ष के अनुसार एक ही तालिका में। जिन सत्रों में परीक्षा कई शिफ्ट में हुई, वहाँ शिफ्ट का नाम भी दिया है।
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- 2010–2026Paper 2 · कोड 06
प्रश्न-पत्र वर्ष-दर-वर्ष जोड़े जा रहे हैं। पहले प्रश्न-पत्र जल्द यहीं दिखेंगे।
UGC NET इतिहास के पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र: कैसे इस्तेमाल करें
- सबसे नए तीन वर्ष पहले देखिए, बिना समय की पाबंदी के, ताकि प्रश्नों का ढंग और कठिनाई समझ आए।
- फिर एक पूरा प्रश्न-पत्र समय लगाकर हल कीजिए: 100 प्रश्न, एक बैठक में।
- हर गलत या छूटे प्रश्न को उसकी यूनिट से जोड़िए और उसी यूनिट के नोट्स दोबारा पढ़िए।
- कौन-से विषय बार-बार आ रहे हैं, उनकी अपनी सूची बनाइए। वहीं से सबसे ज़्यादा लाभ मिलता है।
तालिका में क्या मिलेगा
हर पंक्ति एक प्रश्न-पत्र है: वर्ष, परीक्षा का सत्र (जून या दिसंबर), वैकल्पिक शिफ्ट का नाम और प्रश्न-पत्र का डाउनलोड बटन। सबसे नया वर्ष सबसे ऊपर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
UGC NET इतिहास के पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र कहाँ मिलेंगे?
इसी पेज पर। 2010 से अब तक के UGC NET इतिहास (कोड 06) पेपर 2 के प्रश्न-पत्र वर्ष के अनुसार एक तालिका में हैं। जो प्रश्न-पत्र अभी जुड़ना बाकी है, उसकी पंक्ति "जल्द उपलब्ध" दिखती है।
क्या ये प्रश्न-पत्र मुफ़्त हैं?
हाँ, कोई फ़ीस नहीं है। डाउनलोड दबाने पर बस अपने मुफ़्त खाते से लॉग-इन करना होता है। खाता बनाने में एक मिनट लगता है।
प्रश्न-पत्र डाउनलोड करने के लिए लॉग-इन क्यों ज़रूरी है?
लॉग-इन से डाउनलोड पंजीकृत विद्यार्थियों तक रहते हैं, और नए प्रश्न-पत्र या परीक्षा अपडेट जुड़ने पर हम आपको बता पाते हैं। पूरी तालिका बिना लॉग-इन के दिखती है; सिर्फ़ डाउनलोड बटन लॉग-इन माँगता है।
तालिका में "शिफ्ट" का क्या मतलब है?
जिन सत्रों में परीक्षा एक से अधिक शिफ्ट में हुई, वहाँ हर शिफ्ट का प्रश्न-पत्र अलग होता है। ऐसे प्रश्न-पत्र के आगे शिफ्ट का नाम (जैसे शिफ्ट 1) लिखा है। जहाँ एक ही प्रश्न-पत्र था, वहाँ यह खाना खाली रहता है।
UGC NET इतिहास पेपर 2 क्या है?
पेपर 2 इतिहास (कोड 06) का विषय-पत्र है। वर्तमान पैटर्न में इसमें 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, हर प्रश्न 2 अंक का, कुल 200 अंक। पेपर 1 सामान्य पत्र है और उसी बैठक में आता है। पुराने सत्रों का पैटर्न अलग था, इसलिए उनमें प्रश्नों की संख्या अलग हो सकती है।